सबरीमला : दो दिन की विशेष पूजा के बाद मंगलवार रात को भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट बंद हो गये लेकिन इस मंदिर में 10 से 50 साल आयुवर्ग की किसी लड़की या महिला ने पूजा नहीं की.
मेलशांति (प्रमुख पुजारी) उन्नीकृष्णन नाम्बूथिरी ने भगवान अयप्पा के लिए ‘हरिवरसनम’ के बाद गर्भगृह के कपाट बंद किये. इससे पहले, सैकड़ों भक्त पारंपरिक ‘पडीपूजा’ के गवाह बने. अब मंदिर के कपाट तीन महीने के ‘मंडलम मकराविलक्कू’ समारोह के लिए 17 नवंबर को खुलेंगे जब देश-विदेश से लाखों भक्त हर साल भगवान के दर्शन को आते हैं. मंदिर सोमवार को सालाना ‘चितिरा अत्ता थिरूनाल’ पूजा के लिए खुला था.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हर आयुवर्ग की महिलाओं को इस मंदिर में प्रवेश देने के फैसले के बाद बीते तीन सप्ताह में यह दूसरा मौका था जब मंदिर खुला.
