नयी दिल्ली : रिजर्व बैंक अॅाफ इंडिया ने जानकारी दी है कि वह जल्दी ही सौ रुपये का नोट जारी करेगा, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत ‘रानी की वाव’ को समर्पित है. गौरतलब है कि ‘रानी की वाव’ गुजरात के पाटण में स्थित है और इसे यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थल में सम्मिलित किया है.
क्या है ‘रानी की वाव’
रानी की वाव (बावड़ी)का निर्माण वर्ष 1063 में सोलंकी शासन के राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में उनकी पत्नी रानी उदयामति ने बनवाया था. रानी उदयमति जूनागढ़ के चूड़ासमा शासक रा’ खेंगार की पुत्री थीं. सोलंकी राजवंश के संस्थापक मूलराज थे सीढ़ी युक्त बावड़ी में कभी सरस्वती नदी के जल के कारण गाद भर गया था. यह वाव 64 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा तथा 27 मीटर गहरा है. यह भारत में अपनी तरह का अनूठा वाव है.
