नयी दिल्ली : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने तीन तलाक और निकाह हलाला का मसला कथित रूप से उठाने वाली महिला के खिलाफ जारी फतवे का बुधवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से फतवा जारी करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने को कहा. उत्तर प्रदेश के बरेली में संवाददाता सम्मेलन में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा था कि इस्लाम और उसकी परंपराओं के खिलाफ बोलने को लेकर निदा खान के खिलाफ फतवा जारी किया गया है.
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनएमसी) के प्रमुख सैयद गैयरुल हसन रिजवी ने बरेली के जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह को पत्र लिखकर कहा कि आयोग ने खान को दी जारी धमकियों का स्वत: संज्ञान लिया है. रिजवी ने धमकियों के मद्देनजर जिला प्रशासन को खान को सुरक्षा देने को भी कहा है.
उन्होंने चिट्ठी में कहा कि फतवा जारी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और भारतीय दंड संहिता की उचित धाराओं में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की जाती है.
आलम ने फतवे के हवाले से कहा था कि उनके (खान के) बीमार पड़ने पर उन्हें दवाई नहीं दी जायेगी. अगर उनका निधन होता है, तो उनकी नमाज-ए-जनाजा नहीं पढ़ाई जायेगी. उन्हें कब्रिस्तान में दफनाया नहीं जायेगा.
निदा खान ने यहां 2015 में आला हजरत परिवार के उस्मान रजा खान उर्फ अन्जू मियां से शादी की थी, लेकिन उन्हें 2016 में तलाक दे दी गयी. तब से वह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं.
