Mob lynching रोकने के लिए कठोर कानून बनाये संसद, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज भीड़ द्वारा पीट – पीटकर हत्या के अपराधों को अंजाम देने वालों के लिए दंड का प्रावधान करने के लिहाज से संसद से कानून बनाने को कहा. कोर्ट ने कहा कि भीड़तंत्र की भयानक गतिविधियों को नये कायदे नहीं बनने दिया जा सकता और इन पर सख्ती से […]

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज भीड़ द्वारा पीट – पीटकर हत्या के अपराधों को अंजाम देने वालों के लिए दंड का प्रावधान करने के लिहाज से संसद से कानून बनाने को कहा. कोर्ट ने कहा कि भीड़तंत्र की भयानक गतिविधियों को नये कायदे नहीं बनने दिया जा सकता और इन पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत है. कोई भी नागरिक कानून अपने हाथों में नहीं ले सकता.



कानून का शासन कायम रहे यह सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है इसलिए यह जरूरी है कि सरकार मॉब लिंचिंग के खिलाफ कठोर कानून बनाये. गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बहुत बढ़ गयी हैं और कई लोगों की जान भी भीड़ ने ले ली है. झारखंड के रामगढ़ में पिछले साल मॉब लिंचिंग के मामले में अलीमुद्दीन नाम के एक शख्स की हत्या कर दी गयी थी, वहीं हाल ही में महाराष्ट्र के धुले में बच्चा चोरी के आरोप में पांच लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

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