न्यायालय ने सरकारी जमीन पर धार्मिक गतिविधियों का मामला वृहद पीठ को भेजा

नयी दिल्ली : भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में सरकारी जमीन या संपत्ति पर धार्मिक गतिविधियों की इजाजत देने संबंधी विषय को सुप्रीम कोर्ट ने आज एक वृहद पीठ को भेज दिया. न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की एक पीठ ने इस संबंध में कुछ सवाल तैयार किए और इन सवालों को प्रधान […]


नयी दिल्ली :
भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में सरकारी जमीन या संपत्ति पर धार्मिक गतिविधियों की इजाजत देने संबंधी विषय को सुप्रीम कोर्ट ने आज एक वृहद पीठ को भेज दिया. न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की एक पीठ ने इस संबंध में कुछ सवाल तैयार किए और इन सवालों को प्रधान न्यायाधीश को भेज दिया ताकि वह इनपर सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ का गठन करें.

दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के एक पार्क में ‘ जागरण ‘ और ‘ माता की चौकी ‘ रखने की निगम अधिकारियों से अनुमति नहीं मिलने पर संस्था ने न्यायालय का रुख किया था. याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि यह मुद्दा एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न से जुड़ा हुआ है कि क्या भारत के एक धर्मनिरपेक्ष देश होने के मद्देनजर सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह की धार्मिक गतिविधियों की इजाजत दी जा सकती है.

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संस्था ने अपनी अपील में कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इससे पहले मायापुरी के लाजवंती इलाके के चंचल पार्क में धार्मिक गतिविधियां करने की अनुमति दी थी. बहरहाल, बाद में यह अनुमति वापस ले ली गयी थी जिसके चलते संस्था को सड़क पर धार्मिक आयोजन करना पड़ा था. शीर्ष अदालत में संस्था की पैरवी वकील फुजैल अय्यूबी और ईशा भारद्वाज ने की.

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