नयी दिल्ली : अकबर रोड का नाम बदलने की मांग करते हुए कुछ लोगों ने अकबर रोड के बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर चिपका दिया . राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट के पास अकबर रोड के साइन बोर्ड के ऊपर यह पोस्टर चिपकाया गया. साइन बोर्ड चिपकाने वाले कौन लोग थे इसकी जानकारी अबतक नहीं मिल पायी है लेकिन सूत्रों की मानें तो कुछ छात्रों का हाथ है जो बजरंग दल से जुड़े हैं.
कुछ देर के लिए बदल गया अकबर रोड का नाम, जबरन पोस्टर चिपका कर दिया महाराणा प्रताप रोड

कुछ देर के लिए बदल गया अकबर रोड का नाम, जबरन पोस्टर चिपका कर दिया महाराणा प्रताप रोड
Copied link
नयी दिल्ली : अकबर रोड का नाम बदलने की मांग करते हुए कुछ लोगों ने अकबर रोड के बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड का पोस्टर चिपका दिया . राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट के पास अकबर रोड के साइन बोर्ड के ऊपर यह पोस्टर चिपकाया गया. साइन बोर्ड चिपकाने वाले कौन लोग थे इसकी जानकारी […]
इस रास्ते पर कांग्रेस का मुख्य कार्यालय है. पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो तुरंत पुलिस ने पोस्टर हटवा दिया. अधिकारियों ने बताया कि किसी शरारती तत्व ने यह काम किया है. पुलिस ने यह मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टर चिपकाने वाले लोगों की तलाश शुरू कर दी है. अकबर रोड का नाम बदलने की मांग बहुत पहले से की जा रही है. आज 9 मई यानि राजपूत राजा महाराणा प्रताप की जयंती है. 1576 में हुई हल्दीघाटी के लड़ाई में अकबर ने महाराणा प्रताप को शिकस्त दी थी.
विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने पत्र लिखकर तात्कालिन संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू से अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप करने की मांग की थी. इस पत्र में सिंह ने लिखा था, अकबर के बढ़ते शासन को रोकने में महाराणा ने अहम भूमिका निभायी थी . महाराणा प्रताप सही मायने में धर्मनिरपेक्ष थे और आम लोगों के साथ थे उनके राजा थे.
इस चिट्ठी का समर्थन भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने भी किया था. उन्होंने कहा था महाराणा कभी विदेशी ताकतों के आगे नहीं झुके . जिस राजा ने इतनी कुर्बानी दी उसके नाम पर सड़क का नाम रखना उन्हें सम्मान देने की तरह होगा. वीके सिंह की इस मांग का भाजपा के कई नेताओं ने समर्थन दिया था जिसमें शाइना एनसी का नाम भी शामिल है. हालांकि वेंकैया ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा था कि स्थान जगहों का नाम बदलना हमारे एजेंडे में नहीं है.