संसद में कार्यकाल के अंतिम दिन बोलीं रेणुका, मैं अपने अनुभवों पर किताब लिखूंगी
नयी दिल्ली : मैं संसद में अपने अनुभवों पर किताब लिखूंगी, मैं अपने साथियों से यह आग्रह करती हूं कि वे लोकतंत्र को सफल बनाने के लिए संघर्षरत रहें, ताकि जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा शासन बना रहे. उक्त बातें आज कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान कही. […]
नयी दिल्ली : मैं संसद में अपने अनुभवों पर किताब लिखूंगी, मैं अपने साथियों से यह आग्रह करती हूं कि वे लोकतंत्र को सफल बनाने के लिए संघर्षरत रहें, ताकि जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा शासन बना रहे. उक्त बातें आज कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान कही.
रेणुका चौधरी पिछले दिनों संसद में अपनी हंसी के कारण विवादों में आ गयीं थीं. राज्यसभा में प्रधानमंत्री आधार पर भाषण दे रहे थे, उसी वक्त रेणुका चौधरी जोर से हंस पड़ी थीं, इसपर अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने उनसे कहा था कि क्या हुआ आपको, कोई समस्या हो तो डॉक्टर से मिलें. इसपर नरेंद्र मोदी ने कहा था, हंसने दीजिए इन्हें रामायण सीरियल खत्म होने के बाद पहली बार ऐसी हंसी सुनी है. इस मामले को लेकर देश भर में बवाल हुआ था.
रेणुका की हंसी की तुलना शूर्पनखा से करने पर सरकार चौतरफा घिर गयी थी. हालांकि रेणुका के साथ कई विवाद जुड़े रहे हैं और अकसर वे अपने बयानों के कारण खबरों में रही हैं. जब उन्होंने यह कह दिया था कि पुरूष पैंट-शर्ट से ज्यादा धोती में अच्छे लगते हैं, तब भी काफी विवाद हुआ था. सांसद जयाप्रदा को ‘बिंबो’ कहना भी उनका एक विवादित बयान ही था.