लोकसभा में हंगामा प्रश्नकाल बाधित, पीएनबी धोखाधड़ी और आंध्र को विशेष दर्जा देने की मांग
नयी दिल्ली : आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले सहित कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस, तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) और कुछ अन्य दलों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही आज आरंभ होने के कुछ मिनटों बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले सहित कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस, तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) और कुछ अन्य दलों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही आज आरंभ होने के कुछ मिनटों बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआती तीन दिनों की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद आज चौथे दिन भी विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित रही . सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी. सदस्यों ने भी उनको बधाई दी. प्रश्नकाल आरंभ होते ही कांग्रेस ने पीएनबी धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया तो तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए.
सदन में आज तेदेपा सदस्य और केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू मौजूद नहीं थे जबकि आज लोकसभा में नागर विमानन मंत्रालय से जुड़ा प्रश्न सूचिबद्ध था . कल रात तेदेपा ने आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अलग होने का निर्णय किया था. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएनबी धोखाधड़ी मामले को उठाया और नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन समीप पहुंच गए.
अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को उठाया और आसन के समीप जाकर नारेबाजी की . तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सदस्यों ने भी राज्य में आरक्षण कोटे में बढ़ोतरी के मुद्दे पर अपनी मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी की. शोर शराबा थमता नहीं देख सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इन्हीं मुद्दों को लेकर गत सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी और पूरे दिन के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी.