एएमयू की तर्ज पर ईसाइयों की खातिर देश में खुल सकते हैं यूनिवर्सिटी, माइनॉरिटी कमीशन ने दिया सुझाव

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तर्ज पर ईसाइयों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाए़. आयोग ने ईसाई समुदाय के शिक्षाविदों की सेवा लेने के भी सुझाव दिये हैं, ताकि शैक्षणिक नीतियां तय करने […]

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तर्ज पर ईसाइयों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाए़. आयोग ने ईसाई समुदाय के शिक्षाविदों की सेवा लेने के भी सुझाव दिये हैं, ताकि शैक्षणिक नीतियां तय करने में इस समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके.

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अल्पसंख्यक आयोग ने एक अपनी वार्षिक रिपोर्ट (2016-17) में कहा कि ईसाइयों को एएमयू और जामिया की तरह भारत सरकार से पूरी तरह वित्तपोषित विश्वविद्यालय दिया जाना चाहिए. सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट को अगले सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है.

इस सिफारिश के बारे में पूछे जाने पर अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सैयद गैयूरुल हसन रिजवी ने कहा कि ऐसे कदम से ईसाइयों के शैक्षणिक सशक्तीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. साल 2011 की जनगणना के अनुसार ईसाई समुदाय में साक्षरता 74.34 फीसदी है.

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