नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा में दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का उद्घाटन किया. नरेंद्र मोदी की सोमवार को नोएडा यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. नोएडा में बोटैनिकल गार्डन को दक्षिण दिल्ली से कालकाजी मंदिर को जोड़ने वाला यह मेट्रो रुट 12.4 किलोमीटर लंबा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मेट्रो रेल के पहले यात्री थे. उन्होंने ही देश के पहले मेट्रो का उद्घाटन किया था. आज देशभर में मेट्रो रेल की जाल है.
मोदी ने देश के सभी नागरिकों को क्रिसमस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व क्रिसमस का त्योहार मना रहा है. प्रभु यीशु का संदेश मानव जाति के कल्याण का एक उत्तम मार्ग है. इस पर्व पर सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. उन्होंने कहा कि आज दो भारत रत्न का जन्मदिन है. एक भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय और दूसरे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी. अटल बिहारी वाजपेयी ‘भारत मार्ग विधाता’ हैं.
उन्होंने कहा, कहा जाता है प्रधानमंत्री जब कोई राज्य में जाता है तो राज्य की जनता को आनंद होता है. लेकिन मैं तो किसी राज्य में नही गया हूं. मैं तो मेरे अपने राज्य में आया हूं. उत्तर प्रदेश ने ही मुझे गोद लेकर मेरा लालन पालन किया है. मेरी शिक्षा दीक्षा की है और मुझे नयी जिम्मेवारियों के लिए ढाला है. यही उत्तर प्रदेश है. बनारस वासियों ने मुझे सांसद बनाया. यही वह राज्य है जिसने देश को स्थिर सरकार देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है.
मोदी ने कहा, ‘बॉटोनिकल गार्डेन से मुझे मेट्रो में यात्रा करने का सौभाग्य मिला और आज का युग ऐसा है कि बिना कलेक्टिविटी जिंदगी ठहर जाती है. बिना संपर्क माहौल बिखरा-बिखरा सा हो जाता है. यह मेट्रो इतना सीमीत अर्थ नहीं है. करोड़ो की लागत लगती है, बहुत बारिकी से इसे लागू करना होता है. आने वाले 100 साल तक आने वाली पीढी दर पीढी तक इसका सामान्य नागरिक को लाभ मिलने वाला है.
उन्होंने कहा कि मेट्रो का लाभ दूरगामी होता है. देश के नागरिक के रूप में ये व्यवस्थाएं सच्चे रूप में ‘सर्वजन हिताए, सर्वजन सुखाए’ होती है. कभी-कभी हमारे देश में कोई भी विषय ऐसा नहीं होता है, जिसपर राजनीति का रंग ना लगाया जाए. इसलिए कभी-कभी विकास के उतम काम भी हमेशा जनहित के तराजू से तौलने बजाए राजनीतिक दलों के हितों की तराजू में तौले जाते हैं.
उन्होंने कहा कि आज भी हम देश में बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम इम्पोर्ट करते हैं. देश का बहुत सारा धन इसपर खपता है. हमारी कोशिश है कि 2022 भारत की आजादी के 75 साल पर पेट्रोलियम प्रोडक्ट इंपोर्ट में कमी आए. हम ऐसे कदम उठाना चाहते हैं कि बढ़ती रिक्वायरमेंट के बावजूद हम इंपोर्ट में कमी ला सकें.
इसके लिए इस मेट्रो के साथ सोलर एनर्जी को भी जोड़ा गया है. करीब-करीब दो मेगावाट बिजली सोलर इनर्जी से उत्पादन होगी. जो मेट्रो के खर्च को कम करने में काम आयेगी. मेट्रो देश के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनना चाहिए. हर आदमी बोले के मैं गाड़ी से नहीं मेट्रो से जाउंगा. ऐसी मानसिकता बनानी होगी.
देश ने एक ऐसी सरकार चुनी है जो नीति पर चलना चाहती है. हमारे सारे नर्णिय सामानय लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए हैं. ये जो मेट्रो का उद्घाटन हुआ है इसमें टॉप उद्योगपति सफर नहीं करेंगे. आम लोग सफर करेंगे. उन राज्यों की प्रगति अच्छी हो रही है, जहांपर गवर्नेंस पर बल दिया जा रहा है. जहां सरकार गुड गवर्नेंस की बात करती है वहां अपने आप समस्याएं कम होती नजर आती है.
वाजपेयी जी ने अपने शासन काल में गुड गवर्नेंस पर बल दिया. इस देश में उन बातों को भरसक भुला देने का प्रयास हुआ है कि गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का सपना किसका था. यह सपना अटल बिहारी वाजपेयी का था. हमारा संकल्प है 2019 तक हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ेंगे. अटल जी के अधूरे काम को पूरा करेंगे.
अंधविश्वास पर किया जोरदार हमला
नरेंद्र मोदी ने कहा कि हजारों नये नये कानूनों से आम लोगों को परेशानी होती है. हमारी सरकार ने लगभग 1200 कानूनों को समाप्त कर दिया है.
कई मुख्यमंत्री अंधविश्वास में पड़े रहते हैं. लोगों को ऐसे ऐसे अंधविश्वास हैं कि फलां जगह पर जाने से कुर्सी चली जायेगी. मोदी ने कहा कि मैं भी गुजरात का मुख्यमंत्री बना था तो कई स्थानों के बारे में बताया गया कि वहां जाने से कुर्सी चली जायेगी. मैने उस अंधविश्वास को तोड़ा और वहां-वहां गया. फिर भी मेरी कुर्सी बची रही.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों में से कई लोगों ने नोएडा का दौरा नहीं किया. ऐसा कहा जाता है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा का दौरा करता है, उसकी कुर्सी चली जाती है. ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में नोएडा में मौजूद थे. इसी बात पर मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों पर चुटकी ली.
पिछली सरकार के लिए चारागाह था ग्रेटर नोएडा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री का देश के किसी भी राज्य में आना उस राज्य की उपलब्धि होती है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश को एक बड़ा तोहफा मिला है. पीएम मोदी का उत्तर प्रदेश में आगमन पर स्वागत है. विकास के लिए प्रधानमंत्री हमेशा प्रेरित करते हैं. वे कहते हैं जबतक एक भी व्यक्ति पीडि़त है, हमें अपने पुरुषार्थ का भरपूर उपयोग कर उसके तकलीफ को दूर करने का प्रयास करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जो प्रयास मोदी जी के नेतृत्व में हुए हैं वह अविस्मरणीय है. पूर्व की सरकारों के लिए ग्रेटर नोएडा और नोएडा चारागाह बन गया था. बायर्स के हितों को संरक्षण देने के लिए पहला प्रयास मोदी सरकार ने ही किया है. इस क्षेत्र में विकास के नाम पर पिछली सरकारों ने जो लूट खसोट की है, उससे सभी वाकिफ हैं.
स्टैंडर्ड गेज मेजेंटा लाइन पर बड़े आकार के कोच का होगा परिचालन
दिल्ली मेट्रो पहली बार मेजेंटा लाइन पर कालकाजी-बोटेनिकल गार्डन खंड के स्टैंडर्ड गेज ट्रैक पर बड़े आकार के डिब्बों का परिचालन करेगी. इस खंड का शुभारंभ कल होने वाला है. डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क के फेज- K के तहत सभी कोच ब्रॉड साइज के होंगे.
डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, नयी मेजेंटा लाइन पर 3.2 मीटर की चौड़ाई वाले कोच का परिचालन होगा. इससे स्टैंडर्ड गेज पर चलने वाले डिब्बों की क्षमता की तुलना में 30-40 ज्यादा यात्री सवार हो पायेंगे. फिलहाल, मौजूदा स्टैंडर्ड गेज कॉरिडोर – वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट-एस्कार्ट मुजेसर) और ग्रीन लाइन (कीर्ति नगर-मुंडका) पर 2.9 मीटर चौड़ाई वाली गाड़ी का परिचालन होता है.
उन्होंने बताया, इस तरह यह नयी मेजेंटा लाइन पहला स्टैंडर्ड गेज आधारित कॉरिडोर होगा जहां बड़े आकार के कोच का परिचालन होगा. येलो लाइन (समयपुर बादली – हुडा सिटी सेंटर) और ब्लू लाइन (द्वारका – नोएडा वैशाली ) ब्रॉड गेज लाइनों में है जिस पर बड़े आकार वाले डिब्बों का परिचालन होता है. इस लाइन पर कई और चीजों की पहली बार शुरुआत होने जा रही है.
नयी लाइन में सभी नौ स्टेशनों पर प्लेटफार्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) होंगे. इसके साथ अत्याधुनिक संकेतक प्रणाली भी होगी जिससे दिल्ली मेट्रो ट्रेनों के फेरे को बढ़ा सकेगी. कालकाजी मंदिर स्टेशन दिल्ली में और बोटेनिकल गार्डन स्टेशन नोएडा में है. अधिकारी ने कहा, ब्रॉड गेज लाइन का आकार पांच फुट छह इंच (1676 एमएम) है और स्टैंडर्ड गेज लाइन का आकार 4 फुट 8.5 इंच (1435 एमएम) है. ये बड़े आकार के डिब्बे नये स्टैंडर्ड लाइन पर सुगमता से चल सकेंगे.
