हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक उद्यमियों को भारत में निवेश का मंगलवार को न्योता दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में निवेश अनुकूल माहौल बनाने के लिए कर समेत विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाया है. वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन, 2017 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 1,200 से अधिक पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्त किया गया, 21 क्षेत्रों में विदेशी निवेश के लिए 87 नियमों को सरल बनाया गया और कई सरकारी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है. सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और उनकी आधिकारिक सलाहकार इवांका ट्रंप भी भाग ले रही हैं.
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों से व्यापार माहौल सुधरा है और इसी का नतीजा है कि विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग पिछले तीन साल में 142 से 100 पर पहुंच गयी. इसके अलावा वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की साख को उन्नत किया है. प्रधानमंत्री ने देश के युवा उद्यमियों से कहा, आपमें से हर एक किसी के पास 2022 तक नये भारत के निर्माण में योगदान के लिए कुछ मूल्यवान चीजे हैं. आप बदलाव के वाहक तथा देश के रूपांतरण का जरिया हैं. उन्होंने कहा, दुनिया भर में अपने उद्यमी दोस्तों से मैं कहना चाहूंगा, आइये और भारत तथा दुनिया के लिए भारत में विनिर्माण कीजिये. मैं भारत की वृद्धि की कहानी में भागीदारी के लिए आप सभी को आमंत्रित करता हूं. और, एक बार फिर आपको तहे दिल से समर्थन का आश्वासन देता हूं. मोदी ने कहा कि वृहत आर्थिक नजरिये से स्थिर निवेश अनुकूल माहौल की जरूरत है और उनकी सरकार राजकोषीय तथा चालू खाते के घाटे के साथ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सफल रही है. उन्होंने कहा, हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डाॅलर को पार कर गया है और हम लगातार बड़े पैमाने पर पूंजी प्रवाह आकर्षित कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय पहले महिला, सभी की समृद्धि का जिक्र करते हुए कहा, भारतीय पौराणिक कथाओं में महिलाओं को शक्ति का अवतार कहा गया है. हमारा मानना है कि महिला सशक्तीकरण विकास के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और भारत के पुराने चार उच्च न्यायालयों की अगुवाई महिलाएं न्यायाधीश कर रही हैं. मोदी ने कहा, हमारी महिला खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है. यह वही हैदराबाद शहर है जो साइना नेहवाल, पीवी सिंधु तथा सानिया मिर्जा का घर है जिन्होंने वैश्विक मुकाबलों में भारत का नाम रौशन किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के साथ कराधान प्रणाली में सुधार किया गया है, जबकि दबाववाले उद्यमों के समाधान के लिए ऋण शोधन तथा दिवाला संहिता पेश किया गया है. उन्होंने कहा, हमने हाल ही में इसे और मजबूत किया है. इसमें जानबूझ कर कर्ज नहीं लौटानेवाले को दबाववाली संपत्ति के लिए बोली से रोकने की व्यवस्था की गयी है. समानांतर अर्थव्यवस्था तथा कालाधन से निपटने एवं कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए कडे उपाय किये गये हैं. मोदी ने कहा कि सरकार यह समझती है कि पारदर्शी नीतियों के साथ कानून का शासन समान अवसर उपलब्ध कराता है जो उद्यमियों के फलने-फूलने के लिए आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल डाटाबेस हो गया है. इसके तहत 1.15 अरब लोगों को लाया गया है और रोजाना 4 करोड़ से अधिक लेन-देन का सत्यापन डिजिटल तरीके से किये जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, हम अब विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आधार का उपयोग कर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के जरिये लाभार्थियों को डिजिटल तरीके से मौद्रिक लाभ उपलब्ध करा रहे हैं. सरकार द्वारा व्यापार को अनुकूल बनाने की दिशा में उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उद्यमिता ऋण योजना मुद्रा के तहत 4.28 लाख करोड़ रुपये का कर्ज आबंटित किये गये. उन्होंने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन के तहत बच्चों में नवप्रवर्तन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 900 स्कूलों में टिंकरिंग लैब खोले गये हैं. सभी गांवों को बिजली पहुंचाने के बाद दिसंबर 2018 तक सभी घरों में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना शुरू की गयी है. साथ ही सभी ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च 2019 तक उच्च गति का ब्राडबैंड इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए भी कार्यक्रम शुरू किया गया है.
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रीय गैस ग्रिड के विकास पर काम कर रहे हैं. एक व्यापक राष्ट्रीय एजेंसी नीति पर भी काम जारी है. वित्तीय समावेश के बारे में उन्होंने कहा कि जनधन योजना के तहत करीब 30 करोड़ बैंक खाते खोले गये जिसमें 685 अरब रुपये जमा हैं. इससे पूर्व में बैंक सुविधा से वंचित लोग संगठित वित्तीय प्रणाली के दायरे में आये हैं. मोदी ने कहा, हम कम नकदवाली अर्थव्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं और भीम नाम से एप (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) शुरू किया है. एक साल से भी कम समय में यह एप दैनिक 280,000 लेन-देन को सुगम बना रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत प्राचीन काल से नवप्रवर्तन तथा उद्यमिता की उर्वर भूमि है. उन्होंने कहा कि सरकार का स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिये एक व्यापक योजना है. इस योजना का मकसद नियामकीय बोझ को कम करना तथा स्टार्ट-अप को समर्थन प्रदान करना है.
