Akhilesh Yadav: शुक्रवार को संसद परिसर में टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन एलपीजी सिलेंडर वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे. इसपर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उनका वीडियो शेयर करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल-जवाब के अंदाज में लिखा-
सवाल: एलपीजी सिलेंडर में कितनी गैस होती है?
जवाब: कृपया स्पष्ट किया जाए कि यह प्रश्न युद्ध से पहले का वजन पूछ रहा है या भाजपा सरकार द्वारा सिलेंडर में गैस घटाए जाने के बाद का? जब सिलेंडर मिल जाएगा, तब तौलकर बता देंगे. नहीं तो इस बार थाली की जगह सिलेंडर बजाएंगे.
सरकार पर लगातार हमलावर हैं अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव हाल के दिनों में सिलेंडर की कमी को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने सवाल किया है कि अगर सरकार बार-बार कह रही है कि गैस की किल्लत नहीं है तो लोगों को गैस के लिए लाइन क्यों लगाना पड़ रहा है. मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के शासन में लोग खाना पकाने वाली गैस जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए कतारों में खड़े हैं. अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए यह भी दावा किया कि रसोई गैस जुड़े मुश्किल हालात को देखते हुए उनके परिवार ने घर पर पहले से ही मिट्टी के दो पारंपरिक चूल्हों का इंतजाम कर लिया है.
प्रोपेगैंडा और इवेंट आधारित राजनीति पर निर्भर है सरकार- अखिलेश
सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इससे पहले गुरुवार को भी केंद्र और उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकारों पर हमला बोला था. उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी जैसी मुख्य समस्याओं को हल करने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है. ये सरकारें प्रोपेगैंडा और इवेंट आधारित राजनीति पर निर्भर रहीं हैं. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और उसकी आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए यादव ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति में किए गए बदलावों के हिसाब से उत्पादन की सही योजना नहीं बनाई गई.
अखिलेश का दावा- रोज कमाने वालों के लिए समस्या काफी बड़ी
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा हालात की वजह से लोगों को खाना पकाने के लिए लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक तरीकों पर ज्यादा से ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह समस्या बड़े पैमाने पर फैली हुई है और किसी खास तबके तक ही सीमित नहीं है. रसोई गैस की कथित किल्लत की वजह से लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि छोटे उद्यमी और व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, खासकर वे लोग जो रोज कमाते-खाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के गलत फैसलों की वजह से नागरिकों को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
