Raghunath Temple : लंबे समय बाद हुए इस आयोजन से लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इसमें शामिल हुए. कार्यक्रम का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि मंदिर में दीपक जल रहे हैं. मंदिर में हवन हो रहा है. आप भी देखें ये वीडियो.
रघुनाथ मंदिर समिति के महासचिव सुनील टिकू ने बताया कि पहले इस मंदिर में राम नवमी पर पूरे इलाके से कश्मीरी पंडित जुटते थे. इस साल भी मंदिर में भव्य आयोजन किया गया. इससे पुरानी रौनक और परंपरा की झलक फिर से देखने को मिली. उन्होंने कहा कि 36 साल बाद यह त्योहार मनाकर बहुत खुशी हुई. भगवान की कृपा से ही यह सब संभव हो पाया.
रघुनाथ मंदिर में क्यों नहीं मना इतने दिन त्योहार?
1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में आतंकवाद और हिंसा काफी बढ़ गई थी. खासकर हिंदुओं के खिलाफ हमले बढ़ने से कश्मीरी पंडितों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा. इसी वजह से श्रीनगर के हब्बा कदल स्थित रघुनाथ मंदिर में राम नवमी मनाना बंद हो गया.
भक्त श्रद्धा के साथ व्रत-पूजा करते हैं नवरात्रि में
नौ दिन चलने वाला यह पर्व (जिसे राम नवरात्रि भी कहा जाता है) राम नवमी के दिन खत्म होता है. इसी दिन भगवान राम का जन्म माना जाता है. इन पूरे नौ दिनों में देवी शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है और भक्त श्रद्धा के साथ व्रत-पूजा करते हैं.
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अयोध्या में मनाया जाता है भव्य तरीके से जश्न
यह त्योहार पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. लोग देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा और प्रार्थना करते हैं. राम नवमी के दिन भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है. खासकर अयोध्या में इस दिन का खास महत्व होता है. यहां भव्य तरीके से जश्न मनाया जाता है.
