Health: देश में  811 लोगों पर एक डॉक्टर है उपलब्ध

डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोशिश तेज की गयी है, जिससे गांवों और दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों की पहुंच बढेगी.

Health: देश में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सरकार डॉक्टरों की संख्या और उनकी उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दे रही है. हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 13.88 लाख एलोपैथिक और 7.51 लाख आयुष डॉक्टर पंजीकृत हैं. इससे अनुमानित तौर पर हर 811 लोगों पर एक डॉक्टर उपलब्ध है. चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और रिक्त पदों को भरने और स्वास्थ्य सुविधाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं (पीआईपी) के रूप में प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है.

दूरदराज के इलाकों के लिए उठाये जा रहे हैं खास कदम 

केंद्र सरकार का मानना है कि  इस कमी को दूर करने के लिए गांवों और दूरदराज के इलाकों के लिए खास कदम उठाये जा रहे हैं. ऐसे क्षेत्रों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को अतिरिक्त भत्ता दिया जा रहा है, ताकि वे वहां सेवाएं देने के लिए प्रेरित हों. इसके अलावा नर्सों और डॉक्टरों को उनके काम के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है. सरकार जिला अस्पतालों को बेहतर बनाकर नए मेडिकल कॉलेज खोल रही है. इससे न सिर्फ इलाज की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी. मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने पर भी काम चल रहा है. 

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए “परिवार दत्तक ग्रहण कार्यक्रम” शुरू किया गया है. इसके तहत मेडिकल छात्र गांवों में परिवारों की देखभाल करते हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हैं. वहीं, “जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम” के तहत मेडिकल छात्रों को जिला अस्पतालों में प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है, जिससे गांवों में इलाज की सुविधा बेहतर हो सके. सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से आने वाले समय में आम आदमी को अपने ही इलाके में बेहतर इलाज मिल सकेगा और बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anjani kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >