देश की पांच प्रतिशत सड़कों पर होती है आधी से अधिक दुर्घटनाएं

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय सडक विश्लेषण कार्यक्रम (आईआरएपी) देश के 12 राज्यों में 12 हजार किलोमीटर राजमार्गों का अध्ययन करने के बाद दुर्घटना संभावित सडकों का विश्लेषण करने वाला है. आईआरएपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रॉब मैकनेर्नी ने कहा, हम विश्व भर में सुरक्षित सड़क के लिए काम कर रहे हैं. भारत में सड़क […]

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय सडक विश्लेषण कार्यक्रम (आईआरएपी) देश के 12 राज्यों में 12 हजार किलोमीटर राजमार्गों का अध्ययन करने के बाद दुर्घटना संभावित सडकों का विश्लेषण करने वाला है. आईआरएपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रॉब मैकनेर्नी ने कहा, हम विश्व भर में सुरक्षित सड़क के लिए काम कर रहे हैं. भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में आधे से अधिक पांच प्रतिशत सडकों पर हो रही हैं. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं कम करने के लिए यात्राएं तीन सितारा सडकों पर होनी चाहिए. उन्होंने कहा, यह हमारा तत्काल लक्ष्य होना चाहिए. भारत में काफी दुर्घटनाएं हो रही हैं. सरकार भी आधारभूत ढांचा पर काफी खर्च कर रही है.

क्या है इंटरनेशनल रोड फेडरेशन
इंटरनेशनल रोड फेडरेशन एक वैश्विक गैर – लाभकारी संगठन है. जिसका हेडक्वार्टर वांशिगटन में है. दुनिया के कई देशों में इसके संगठन है. दुनिया के 70 देशों में यह संगठन काम कर रही है. आइआरएफ में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के सदस्य भी है. जो सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वैश्विक संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं. साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाते हैं.
भारत में यह संस्था फरवरी 2009 से ही सक्रिय है. संगठन जिन बातों को ध्यान में रखकर काम करती है. उनमें रोड सेफ्टी, इनवायरमेंट, रोड फायनांस और इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम शामिल है. ज्ञात हो कि भारत उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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