बेंगलुरू : कर्नाटक के कोडागू में टीपू सुल्तान की जयंती के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये गये हैं. शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए यहां प्रशासन ने धारा 144 लाग दी है. टीपू सुल्तान की जयंती का विरोध करने वालों ने शुक्रवार सुबह मदिकेरी में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर पत्थरबाजी की. आपको बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भारी विरोध प्रदर्शन के बावजूद भी मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती बनाने का निर्णय लिया है. बेंगलुरू में टीपू जयंती के आयोजन को सफल बनाने के लिए सरकार ने हर मुमकिन प्रयास किया है.
समारोह के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए शहर में 11 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है, साथ ही शराब बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. पुलिस ने निर्देश जारी किया है और कहा है कि सिर्फ सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम को छोड़कर किसी को भी टीपू का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी. बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम धारा 144 भी लगा सकते हैं. जो भी कानून तोड़ेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस (केएसआरपी) की 30 टुकड़ियों और 25 सशस्त्र दलों के अलावा शहर पुलिस के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात की गयी है.
उल्लेखनीय है कि भाजपा, कुछ दक्षिमपंथी संगठनों और कोडावा समुदाय के लोग टीपू सुल्तान की जयंती मनाने के विरोध में उतरे हैं जिनका कहना है कि टीपू एक धार्मिक ‘‘कट्टरवादी’’ था. टीपू ने जबरन लोगों का धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करवाने के लिए मजबूर किया था.
