नयी दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना को जांच एजेंसी का विशेष निदेशक बनायागया है. आस्थाना की नियुक्त को स्वराज पार्टी के नेता और देश के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने गलत बताया. उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला बताता है कि वह सीबीआई की स्वायत्तता को खत्म करना चाहती है.
स्वराज इंडिया के नेता ने कहा कि सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना का नाम स्टर्लिंग बायोटेक की डायरी में है.उस पर सीबीआई ने खुद एफआईआर दर्ज की है. फिर भी सरकार ने उन्हें देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी में इतना महत्वपूर्ण पद दे दिया.
प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह गैरकानूनी है. इसे कोर्ट में चुनौती दी जायेगी. ज्ञात हो कि सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना को इस प्रमुख जांच एजेंसी के विशेष निदेशक के पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दीगयी.
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने न सिर्फ सीबीआई, बल्कि आईबी, बीएसएफ और एनआईसीएफएस में आठ अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.
गुरबचन सिंह को खुफिया ब्यूरो (आईबी) का विशेष निदेशक और सुदीप लखटकिया को सीआरपीएफ का विशेष महानिदेशक बनाया गया है. राजेश रंजन और एपी महेश्वरी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में विशेष महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है. कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इसकी घोषणा की है.
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यहां बताना प्रासंगिक होगा कि सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक के रूप में वह अगस्ता वेस्टलैंड समेत कई अहम जांच से जुड़े हैं.
