प्रभु गये, पीयूष आये, लेकिन पटरी पर नहीं आयी रेल ! 1 दिन में 4 हादसे

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों अपने कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया, जिसमें रेल मंत्री सुरेश प्रभु को हटाकर पीयूष गोयल को नया रेल मंत्री बनाया गया. रेल मंत्री तो बदल गये, लेकिन रेल की स्थिति बदलती नजर नहीं आ रही है. गुरुवार को तीन ट्रेन हादसे हुए और एक हादसा होते-होते […]

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों अपने कैबिनेट में बड़ा बदलाव किया, जिसमें रेल मंत्री सुरेश प्रभु को हटाकर पीयूष गोयल को नया रेल मंत्री बनाया गया. रेल मंत्री तो बदल गये, लेकिन रेल की स्थिति बदलती नजर नहीं आ रही है. गुरुवार को तीन ट्रेन हादसे हुए और एक हादसा होते-होते रह गया.

हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुए, लेकिन यह भारतीय रेल के लिए बड़ी चिंता की बात है. इधर पीयूष गोयल ने रेल हादसे को देखते हुए एक हाई लेवल मीटिंग कॉल की है.

* पहली घटना : उत्तर प्रदेश में शक्तिपुंज एक्सप्रेस के सात डिब्बे बेपटरी
पहली दुर्घटना आज सुबह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुई जब जबलपुर जा रही शक्तिपुंज एक्सप्रेस के सात डिब्बे ओबरा पुल के पास पटरी से उतर गए. राज्य में एक ही माह में हुई इस तीसरी दुर्घटना में हालांकि कोई जख्मी नहीं हुआ. रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी में यह जानकारी दी.
* दूसरी घटना : रांची-दिल्ली राजधानी के इंजन और पावर कार मिंटो पुल के निकट पटरी से उतर गए
इसके कुछ घंटों के भीतर ही करीब पौने बारह बजे रांची-दिल्ली राजधानी के इंजन और पावर कार मिंटो पुल के निकट पटरी से उतर गए, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्य के लिए दिल्ली स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 15 को बंद किया गया था.
* तीसरी घटना : महाराष्ट्र में मालगाडी पटरी से उतरी
खंडाला के निकट आज एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए. मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज अपराह्न 3:55 बजे मालगाड़ी के दो डिब्बे यहां से निकट पटरी से उतर गए. यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब रेल अधिकारी दिन में हुई दो रेल दुर्घटनाओं से निपट रहे थे. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी ने बताया, खंडाला में आज अपराह्न मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए. हम पटरियों को साफ करने में लगे हुए हैं.
* चौथी घटना : दिल्ली-कानपुर कालिंदी एक्सप्रेस क्षतिग्रस्त होने से बची
अधिकारी और यात्री रेल दुर्घटनाओं से निपट ही रहे थे कि उत्तर प्रदेश से एक और खबर आई. इसके मुताबिक कालिंदी एक्सप्रेस के गुजरने से कुछ मिनट पहले ही र्फुखाबाद और फतेहगढ़ के पास पटरी के टूटे होने का पता चला. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जागरुक लोगों ने दिल्ली-कानपुर कालिंदी एक्सप्रेस को क्षतिग्रस्त हिस्से से पहले ही रुकवा लिया. सोनभद्र जिले की सीमाएं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, झारखंड और बिहार से लगती हैं और यहां वामपंथी उग्रवादियों की गतिविधियों का पुराना इतिहास रहा है. हालांकि अतिरक्ति पुलिस अधीक्षक अवधेश सिंह ने शक्तिपुंज एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना के पीछे नक्सलियों के होने की आशंका को खारिज किया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ट्रेन 40 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से चल रही थी और हो सकता है कि इसी वजह से यात्री हताहत नहीं हुए.
गौरतलब है कि देश में रेलगाडियों के पटरियों से उतरने की कई घटनाओं के बाद सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय से हटाकर हाल में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की जिम्मदारी दे दी गई है. पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय सौंपा गया है. पीयूष के आने के बाद एक दिन में तीन रेल हादसा हुआ.

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