नयी दिल्ली : दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच एक बार फिर से तनातनी देखने को मिली. इस बार तनातनी उपराज्यपाल हाउस के अंदर देखने को मिली. उपराज्यपाल के कार्यालय में बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब ‘आप’ के 45 विधायकों ने मुहल्ला क्लीनिक फाइल को मंजूरी दिये जाने की मांग करते हुए बुधवार को देर शाम तक डेरा डाले रखा और उपराज्यपाल ने इसे एक संवैधानिक पदाधिकारी के कार्यालय का घेराव करार दिया.
इस घटनाक्रम से ‘आप’ सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन सकती है. इससे आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है और कार्यालय ने दावा किया कि उसके पास मुहल्ला क्लीनिक के बारे में कोई प्रस्ताव या फाइल लंबित नहीं है.
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उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि मंजूरी के लिए फाइल उपराज्यपाल कार्यालय के पास भेजी गयी थी. उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में कहा कि ‘आप’ विधायक सौरभ भारद्वाज और चार अन्य विधायकों को मिलने के लिए समय दिया गया था. लेकिन भारद्वाज के नेतृत्व में करीब 45 विधायक राज निवास के समक्ष आ गए और बैजल से मिलने की मांग करने लगे.
इसमें कहा गया है कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उपराज्यपाल विधायकों से मिलने को सहमत हो गये.
