Sasaram News : शहर के स्टेशन रोड के पास दिखेगा कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर

बड़े-बड़े शहरों के प्राचीन मंदिर के तर्ज पर डेहरी शहर में भी पूजा पंडाल की तैयारी हो रही है

इंद्रपुरी/डेहरी- बड़े-बड़े शहरों के प्राचीन मंदिर के तर्ज पर डेहरी शहर में भी पूजा पंडाल की तैयारी हो रही है. इस बार शहर के स्टेशन रोड के पास कुछ अलग पूजा पंडाल की तैयारी चल रही है. न्यू स्टार नवयुवक संघ के तत्वावधान में पूजा पंडाल की तैयारी में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर का नजारा दिखेगा. इसमें मां दुर्गा विराजमान होगी. पूजा समिति के अध्यक्ष गोवर्धन कुमार ने बताया कि बीते 20 दिन पहले से पूजा पंडाल का निर्माण कार्य चल रहा है. इसके लिए बंगाल के 16 कारीगर दिन रात मेहनत कर रहे हैं. पूजा पंडाल की ऊंचाई 50 फुट, चौड़ाई 42 फुट और लंबाई 75 फुट के निर्माण में करीब तीन लाख रुपये खर्च का अनुमान है. पूजा पंडाल का निर्माण कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर के तर्ज पर किया जा रहा है. इसके लिए विभिन्न प्रकार के साज सज्जा का इंतजाम किया जा रहा है. इसके निर्माण के बाद ऐसा लगेगा कि सही में डेहरी शहर के स्टेशन रोड़ में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर आ गया है. इसके लिए विभिन्न प्रकार की रंग बिरंगे डिजिटल लाइट व डेकोरेशन की व्यवस्था की गयी है. इसकी रोशनी से पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र होगा. पूजा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि पूजा पंडाल के ऊपरी तल पर तीन गुंबद है. इसमें सबसे बड़ा गुंबद की ऊंचाई 14 फुट की है. इसके दोनों तरफ दो गुबंद 10 फुट की है. इस पर भलानुमा पिंड़ प्रतीक चिह्न के रूप में स्थापित होगा, जो मां का प्रतीक है. पंडाल में तीन मुख्य द्वार होगा. एक प्रवेश द्वार व दो निकासी द्वार होगा. पूजा पंडाल का मुख्य द्वार 10 फुट ऊंचा व नौ फुट चौड़ा गोलाकार होगा. पंडाल का निकासी द्वार की ओर कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर का आकृति दर्शाया जायेगा, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा. पूजा पंडाल के बीच में 42 फुट चौड़ाई व 40 फुट की लंबाई के दुर्गा मंडप के धेरे में 10 फुट ऊंचाई के मां दुर्गा की प्रतिमा के अलावा पांच फुट की अन्य देवी देवताओं की मूर्ति स्थापित होगी. जहां रंग बिरंगे डिजिटल लाइट से सजाया जायेगा. पंडाल दो तल का होगा है. इसके दूसरे तल पर दक्षिणेश्वर द्वार के दोनों तरफ गुंबद स्थापित होगा. प्रतिमा स्थल के पास आठ पीपल का कलश स्थापित किया गया. उक्त स्थल पर बीते 1984 से यानी 41 वर्षों से लगातार मां दुर्गापूजा करायी जा रही है. इसे लोग उत्साहित रहते हैं. सबके सहयोग से पूजा करायी जाती है. यहां मां का दया बरसता है. श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यहां दूर दराज के गांव से लोग दुर्गापूजा पंडाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. फिलहाल माता के आगमन पर कलश स्थापित कर पूजा अर्चना की जा रही है. सप्तमी को पट खुलने के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जो निरंतर दशमी तक चलेगा. पूजा पंडाल सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में रहेगा.

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