kaimur News : हमनी के छोड़ कहवां चली गईलू माई…..सुनकर दहल उठा दिल

हर तरफ मातम़ मजदूरी कर अपने बच्चों का भरण-पोषण करती थी तीनों महिलाएं, तीन महिलाओं की एक साथ मौत से हर तरफ मातम

शिव कुमार भारती, मोहनिया सदर

सोमवार की सुबह करीब 06:30 बजे दनियालपुर कुरई में उस समय कोहराम मच गया, जब कुरई व कुर्रा गांव के बीच प्रभु सिंह के खेत में लगी धान की फसल की सोहनी कर रहीं आठ महिलाओं पर कहर बनकर आकाशीय बिजली गिर पड़ी. घटनास्थल पर ही तीन महिलाओं की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. इनमें एक ही परिवार की दो महिलाएं शामिल थी. मृत महिला मंगरी देवी, कुमारी देवी व प्रमशीला देवी के बच्चे व परिजन पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया. हर आंखें रो रही थीं. वहीं, ठनका की चपेट में आने से घायल हुईं अन्य पांच महिलाएं गीता देवी, जानकी देवी, कुंती देवी, मीरा देवी व पुष्पा देवी को अस्पताल ले जाने के लिए अफरातफरा मची थी. घायल महिलाओं को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों ने बताया कि सोमवार की अहले सुबह से ही हल्की बारिश के साथ आकाश में बिजली कड़क रहीं थी. लेकिन इन महिलाओं को क्या पता था कि यह बिजली आज हमलोगों के लिए काल बन जायेगी. इस हृदय विदारक घटना ने कुरई ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों का दिल दहला दिया है. तेज आवाज के साथ जैसे ही आकाशीय बिजली ने इन महिलाओं पर गिर गयी. इससे लोग सहम गये.

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घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े ग्रामीण

आसपास के खेतों में बड़ी संख्या में धान की सोहनी कर रहीं महिलाएं इस घटना से इतना डर गयी थी कि वे भी गिरते भागते कुरई व बगल के गांव कुर्रा में जाकर घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही दोनों गांवों से ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े. मृतकों को धान के खेत से बाहर निकालने के साथ ही घायल महिलाओं को आनन-फानन में ग्रामीण इलाज के लिए लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे.

लाशों से लिपट कर रो रहे बच्चों को देख फट रहा था कलेजा

यह घटना जंगल के आग की तरह पूरे इलाके में फैल गयी. मृतकों के नाम का पता चला उनके नाबालिग बच्चे गिरते, उठते, भागते हुए घटना स्थल पर पहुंचे. वहां पड़े अपनी मां के शवों को देख बच्चे मां की लाश से लिपट कर इस तरह दहाड़ मार कर रो रहे थे कि बच्चों को मां के शव से अलग करने में भी लोगों का दिल दहल जा रहा था. लोग बच्चों को ढांढ़स बंधा रहे थे. पूरे गांव में चारों तरफ सिर्फ रोने की आवाज सुनाई दे रहीं थी. परिजन के अलावे संगे संबंधी भी रोते बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे, मृतकों के बच्चे रोते हुए कह रहे थे कि हमनी के छोड़ कहवां चली गईलू माई…. बच्चे को बिलखता देख वहां उपस्थित हर कोई अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे.

सूचना पर पहुंची पुलिस, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया

घटना की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को मिली. वे घटनास्थल के लिए रवाना हो गये. ग्रामीण सभी मृतकों के शव को लेकर एनएच 19 पर पहुंच चुके थे. वहां से अस्पताल के एम्बुलेंस से शव को मोहनिया लाया गया. जहां, पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूर्ण कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भिजवाया. सीओ व थाना अध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों के सहयोग से शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया. इधर, सीओ ने आपदा प्रबंधन के तहत मृतक के परिजनों को चार- चार लाख मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया है.

मृतकों के परिजनों को दिया गया 20-20 हजार रुपये

घटना की जानकारी होने पर बीडीओ संजय कुमार दास ने कुरई गांव पहुंच पीड़ित परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए 20-20 हजार रुपये दिये. घटना की खबर मिलते ही विधायक संगीता कुमारी ने कुरई पहुंची व गहरा दुख व्यक्त किया. सभी पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया. इसके साथ ही सरकार से मिलने वाली सहायता राशि पीड़ित परिवारों को अविलंब दिलाने का भरोसा दिलाया गया.

अस्पताल में शाम तक मरीजों को रखने का किया आग्रह

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से घायल सभी पांच महिलाओं का इलाज कराने के लिए अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया. कुरई के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सियाराम मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के बाद वापस लौटे, तो उन्होंने अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ विजय कुमार से घायलों को शाम तक अनुमंडल अस्पताल में इलाजरत रखने का आग्रह किया. क्योंकि उनको इस बात का डर था कि घायल महिलाओं ने अपनी आंखों से इस घटना को देखा है, कहीं ऐसा न हो कि शवों के साथ सभी को रोता बिलखता देखकर इन्हें सदमा पहुंचे. इससे कहीं एक और अप्रिय घटना घटित न हो जाये, उनके इस आग्रह को उपाधीक्षक द्वारा मान लिया गया.

कुरई में एक साथ उठीं तीन अर्थियां

घटना के बाद एक बार फिर उस समय चारों तरफ रोने चिल्लाने की आवाज गूंजने लगी. जब पोस्टमार्टम के बाद घर लाये गये शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनकी अर्थियां उठायी जाने लगी. एक ही घर से दो और एक ही बस्ती से जब एक साथ तीन महिलाओं की अर्थी उठीं, तो लोगों का दिल दहल उठा. गांव- घर से लेकर संगे संबंधी सभी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. कोई कुछ बोलने की स्थिति में नही था. जो बेटियां विवाहित हैं, वे भी अपने छोटे भाई बहनों को कुछ भी समझाने बुझाने की स्थिति में नहीं थी. वह भी रोते-रोते बार- बार बेहोश हो जा रहीं थी. बेटे का रोना सुनकर तीनों मृतक महिलाओं के पति भी बच्चों को कुछ भी समझाने की स्थिति में नहीं थे.

13 संतान के सिर उठ गया मां का साया

1 मृतक मंगरी देवी के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं. इनमें मनीषा व संगीता की शादी हो चुकी है. जबकि पुत्र बादल की उम्र लगभग 17 वर्ष व श्याम सुंदर की उम्र 13 वर्ष है. मंगरी देवी के पति अशोक राम इ-रिक्शा चलाकर व मंगरी देवी मजदूरी कर बच्चों का भरणपोषण किया करती थीं. इन दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया.

कुमारी देवी के चार संतान का रोते-रोते बुरा हाल

2 मृतिका कुमारी देवी अपने पीछे दो पुत्र व दो पुत्रियां छोड़ गयीं है. पुत्र सोनू कुमार 16 वर्ष, मोनू 13 वर्ष, पुत्री सोनम कुमारी 15 वर्ष, जबकि बड़ी बेटी लक्ष्मीना कुमारी की शादी हो चुकीं है. मृतिका के पति मनोज राम मजदूरी कार्य करते हैं.

चार पुत्रियां व एक पुत्र का हाल बेहाल

3. मृतिका प्रमशीला देवी अपने पीछे चार पुत्रियां व एक पुत्र छोड़ गयीं है. पुत्री मराछी कुमारी, दुर्गा कुमारी व पूजा कुमारी की शादी हो चुकी है. जबकि निधि कुमारी 13 वर्ष व पुत्र गोलू कुमार 12 वर्ष अभी पढ़ाई कर रहे है. मृतिका के पति मदन राम मजदूरी का कार्य करते हैं. सभी मृतक महिलाओं के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है.

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Published by: Panchdev kumar

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