सासाराम नगर. भाजपा के अंदरूनी कलह बाहर आने से गठबंधन के अन्य साथियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है. जिले में इस गठबंधन में भाजपा से मजबूत जदयू को माना जाता है, जिसपर इसका ज्यादा असर पड़ने की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि, इसको लेकर जदयू जिलाध्यक्ष अजय कुमार कुशवाहा आश्वस्त हैं और पिछले विधानसभा चुनाव से सबक लेकर भितरघातियों से निबटने का प्लान तैयार कर दिये हैं. पिछले विधानसभा की पटकथा इसबार दोहराने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी कार्यकर्ताओं को जिलास्तर के राजनीति से आगे बढ़कर अपने पार्टी के नेताओं की बातों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि एनडीए का चेहरा पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी हैं. उनके चेहरे पर ही हम सभी विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं से मिलेंगे और उनकी विकास की योजनाओं के बारे में बतायेंगे. जिले के सातों विधानसभा की सीटें चाहे जिस दल के खाते में जाये, गठबंधन के सभी पार्टियों के कार्यकर्ता उनका सहयोग करेंगे. हाल के दिनों में भाजपा में चल रहे गतिरोध पर उन्होंने कहा कि इसका असर विधानसभा चुनाव पर नहीं पड़ने वाला है. पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में मतभेद है, तो उसे आपस में बैठकर सुलझा लेना चाहिए. साथ ही भाजपा का पुतला दहन कार्यक्रम से जदयू की दूरी के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एनडीए का नहीं था. इसलिए जदयू के नेता पुतला दहन कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे. इधर, पुतला दहन के दौरान भाजपा नेताओं के बीच हुए विवाद का असर कई दिग्गज नेताओं के टिकट पर भी पड़ सकता है. पार्टी के वरिष्ठ नेता पटना से लेकर दिल्ली तक उनके तकरार पर चर्चा कर रहे हैं.
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