लातेहार ़ शहर के बीचोबीच स्थित अंबाकोठी परिसर में आयोजित 52 वें श्रीरामचरित मानस नवाह्य परायण पाठ महायज्ञ के तीसरे दिन मानस कथानुसार भगवान श्रीराम समेत अन्य सभी भाइयों का विवाह उत्सव मनाया गया. इस मौके पर गिरिडीह से आये मानस वाचस्पति अनिल भारद्वाज ने विवाह के कई पारंपरिक गीत गाये गये. उन्होंने आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया और सिया डाले राम के गले में जयमाला समेत श्रीराम विवाह उत्सव के कई गीत गाये. श्रद्धालुओं ने इस पर ठुमके लगाये और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगा कर शुभकामना दी. महिलाओं ने माता सीता को सिंदूर दान किया. मौके पर यजमान के रूप में डाॅ विनय सप्तनीक मौजूद थे. यज्ञाचार्य अनिल मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया. इससे पहले सीता स्वयंवर का पाठ किया गया. मौके पर महायज्ञ समिति के मुख्य संरक्षक सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महलका, मंत्री सुनील कुमार शौंडिक, अशोक कुमार महलका, डाॅ विशाल शर्मा, मदन प्रसाद, सुरेश प्रसाद, संतोष अग्रवाल, प्रकाश मोहन अग्रवाल, राजू रंजन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, राजू सिंह, अनिल प्रसाद समेत कई लोग उपस्थित थे. संगीत की धुन पर हो रहा है रामायण पाठ श्री रामचरित मानस के 52 वें अधिवेशन के दौरान प्रतिदिन एक परिधान में युवती एवं महिलाएं रामायण का पाठ कर रही है. अनिल भारद्वाज एवं उनकी मंडली द्वारा संगीत की धुन पर रामायण का पाठ कराया जा रहा है. ध्वनि विस्तारक यंत्र से रामायण पाठ से शहर का पुरा वातारण भक्तिमय एवं राममय हो गया है. महायज्ञ समिति के पदधारी पूरे मनोयोग से आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय हैं.
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