मधेपुरा.
शहर की सड़कों की जर्जर हालत ने नगरवासियों को परेशानी हो रही है. वर्षों से शहर के मुहल्लों की प्रमुख सड़कों की मरम्मत के लिए कई योजनाएं बनायी गयी, लेकिन विभागीय अड़चनों व तकनीकी कारणों के चलते इन योजनाओं पर कार्रवाई नहीं हो सकी है. नतीजतन, शहर के अनेक मार्ग खस्ता हालत में पहुंच चुके हैं. इससे आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है. जयपालपट्टी मुहल्ला, पोस्ट ऑफिस रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, आजाद टोला, चंदा टॉकिज रोड, मिशन रोड, नौलखिया से मधेपुरा कॉलेज जाने वाली सड़क, बॉबी नर्सरी रोड आदि सड़कों का हाल खस्ता है. इन सड़कों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है और जिन सड़कों का मामूली मरम्मत भी हुआ है, वो भी वर्षा के पानी से भर जाती है. इससे न केवल आवागमन में बाधा आती है, बल्कि जलजमाव के कारण सड़कें और भी खतरनाक हो जाती है. शहर के नागरिकों को रोजाना आवाजाही में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है. खासकर रात के समय असमय जर्जर सड़कों पर दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है. नगर परिषद की उदासीनता से स्थिति और भी बिगड़ चुकी है. कई बार योजनाएं बनाकर कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन विभागीय अड़चनों व तकनीकी कारणों का हवाला देकर कार्य नहीं किया जाता है. लोगों ने कहा कि सड़कों और नालियों की मरम्मत के लिए कई बार नगर परिषद व संबंधित विभाग से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की निष्क्रियता और विभागीय उदासीनता के कारण शहर की हालत बदतर हो रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
