उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्रजी की जयंती पर निकली शोभायात्रा

उदासीन गृहस्थ ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद, छतरपुर के तत्वावधान में हुआ आयोजन

उदासीन गृहस्थ ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद, छतरपुर के तत्वावधान में हुआ आयोजन

प्रतिनिधि, छतरपुर उदासीन गृहस्थ ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद ने उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र जी की 531वीं जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनायी. इस अवसर पर सुंदर मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा में भगवान श्रीचंद्र जी का विशेष शृंगार, पूजा-अर्चना और धर्म ध्वजारोहण किया गया. पूजा-अर्चना के पश्चात गुरुद्वारा ने शोभायात्रा निकाली, जो नगर क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होती हुई जपला रोड स्थित विष्णु मैरिज हॉल पहुंची. शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी, जिसमें झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक उत्साह देखते ही बन रहा था.

समाज को एक सूत्र में बाँधने वाले थे श्रीचंद्र जी : महंत बजरंगी दास

कार्यक्रम में महंत श्री बजरंगी दास महाराज ने कहा कि उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र जी स्वयं आदि देव भगवान शिव के अवतार थे. उन्होंने समाज में व्याप्त मतभेदों को समाप्त कर, सभी को एकता के सूत्र में बांधते हुए सनातन धर्म के मूल्यों की पुनः स्थापना की.

जीवन दर्शन को अपनाने की जरूरत: महाराज नकुल दास

महाराज नकुल दास ने उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युग में उनके सिद्धांतों को समझना और उनके दिखाये मार्ग पर चलना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि श्रीचंद्र जी का जीवन हमें त्याग, सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता की प्रेरणा देता है.

समारोह में उपस्थित रहे अनेक श्रद्धालु व समाजसेवी

इस अवसर पर त्रिवेणी दास, उपेंद्र कुमार, अनिल दास, मृत्युंजय दास, टीपू बाबा, अखिलेश दास, अमित पांडेय, अशोक दास समेत समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित थे.

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Author: DEEPAK

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