Jharsuguda News: नुआखाई केवल एक त्योहार नहीं है, यह हमारी संस्कृति, परंपरा, भाईचारा व सामाजिक बंधन का प्रतीक है. यह केवल पश्चिमी ओडिशा का त्योहार नहीं है. आज के समय में ओडिशा सहित देश-विदेश में इसे धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व आपसी शत्रुता व द्वेष मिटाकर हमें एक सूत्र में बांधता है. मूल रूप से कृषि आधारित लोकपर्व आज अपना विस्तार कर सभी सीमाओं को पार कर चुका है. एमसीएल (नवदास) ऑडिटोरियम में नव दास फाउंडेशन की ओर आयोजित नुआखाई भेंटघाट कार्यक्रम में फाउंडेशन की मुख्य तथा झारसुगुड़ा की पूर्व विधायक दीपाली दास ने यह बातें कही.
नव दास की जीवनी पर दिखायी गयी डॉक्यूमेंट्री
कार्यक्रम के प्रारंभ में सुदर्शन हरिपाल व राज किशोर दास ने नुआंखाई के महत्व व इसे मनाने के बारे में अपने विचार व्यक्त किये. मां समलेई की तस्वीर पर अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया. इसके साथ ही दिवंगत नव किशोर दास की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. इस अवसर पर दिवंगत नव दास की जीवनी और उनके द्वारा झारसुगुड़ा में किये गये विकास कार्यों पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गयी.
संबलपुरी गीत व नृत्य प्रस्तुत कर कलाकारों ने जीता दिल
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में बरगढ़ आर्केस्ट्रा पद्मश्री कताई द्वारा एक से बढ़कर एक संबलपुरी गीत व नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देख खचाखच भरे ऑडिटोरियम में दर्शकों ने जमकर आनंद उठाया. इस अवसर पर नगरपाल रानी हाथी, पूर्व नगरपाल हरीश गणात्रा, रवि सिंह, संदीप अवस्थी, तापश रायचौधरी, नटवर शर्मा, मुकेश तिवारी, जगन्नाथ जेना, पवन सिंह यादव सहित शहर के गणमान्य लोग तथा पूरे विधानसभा क्षेत्र से लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कार्यक्रम के आयोजन में प्रताप नंद, विश्वनाथ त्रिपाठी, पिंटू पाढ़ी एवं इनके साथ नव दास फाउंडेशन के सदस्य गजानंद तिवारी, चिरंजीवी पति, तुलसी दास, शशि तिवारी, आलोक प्रधान, लिंगराज महापात्रा, दीपा नाइक, नवनीत कौर, नागेश्वरी बोनेला आदि ने सहयोग दिया.
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