कोयला मंत्रालय का वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य : संयुक्त कोयला सचिव

प्रतिनिधि, पिपरवार. कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीपी पति ने साेमवार को पिपरवार का दौरा किया. संगम विहार क्लब पहुंचने पर पिपरवार जीएम संजीव कुमार ने उनका स्वागत किया. इसके

प्रतिनिधि, पिपरवार.

कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीपी पति ने साेमवार को पिपरवार का दौरा किया. संगम विहार क्लब पहुंचने पर पिपरवार जीएम संजीव कुमार ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे कायाकल्प वाटिका देखने पिपरवार परियोजना की रिक्लेम्ड एरिया पहुंचे. उन्होंने सीसीएल द्वारा एक हेक्टेयर भूमि पर नव निर्मित अमृत वन में पौधे लगाये. इस अवसर पर उन्होंने बताया कि कोयला मंत्रालय पर्यावरण संतुलन के लिए मियावाकी वनीकरण जापानी विधि को प्रोत्साहित कर रहा है. साथ ही पिपरवार का कायाकल्प वाटिका को माइनिंग टूरिज्म के लिए चयन किया गया है. इसकी को लेकर मैं कायाकल्प वाटिका का मुआयना करने आया हूं. उन्होंने चूरी भूमिगत खान की तारीफ करते हुए बताया कि दामोदर नद के नीचे से दूसरे छोर में जा कर कोयला उत्पादन होता है. कोयला मंत्रालय पर्यावरण संतुलन को लेकर काफी गंभीर हैं. वर्ष 2030 तक मंत्रालय की भूमिगत खदानों से 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य है. पिपरवार में भी बहुत जल्द भूमिगत खदान खुलने वाली है. इसका लाभ यहां के लोगों को भी होगा. श्रीपति ने एनके एरिया में फिसिंग व्यवसाय की काफी तारीफ की. कहा कि यहां 150 लोग इस व्यवसाय को अपनाये हुए हैं और प्रत्येक महीने तीन से चार लाख रुपये कमा रहे हैं. मौके पर सीसीएल निदेशक तकनीकी ऋषि दुहान, जीएम इएंडएम सुचिंद्रा सिन्हा, जीएम संजीव कुमार, पीओ जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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