प्रतिनिधि, खूंटी. जिन राज्यों में किसानों का विकास हुआ है, वहां सहकारिता का देन है. विकसित किसान आज लाखों-करोड़ों की बात करते हैं. इसमें सहकारिता का बहुत बड़ा योगदान है. उक्त बातें कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को खूंटी के फुदी स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र में सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा आयोजित कृषि एवं वनोपज आधारित ग्रामीण स्वरोजगार सृजन विषयक एकदिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला में कही. उन्होंने कहा कि झारखंड में लैम्पस और पैक्स व्यापारी किस्म के लोग चला रहे हैं. यही हाल सहकारिता में भी है. गुमला में मैंने देखा कि दूसरे राज्य का फेडरेशन झारखंड के नाम पर संचालित हो रहा है. सरकार चाहती है कि यहां के लोग ऐसे फेडरेशन को चलायें. उन्होंने किसानों को पारदर्शिता के साथ जानकारी और प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया. मंत्री ने बताया कि कई लैम्पस और पैक्स में भंडारण की क्षमता कम है. जिसके कारण किसानों को धान की बिक्री करने में दिक्कत होती है. जहां धान का अधिक क्रय हो रहा है वहां गोदाम की व्यवस्था की जायेगी. वहीं सरकार एक जिला एक उत्पाद की दिशा में काम कर रही है. अगर खूंटी लाख में अच्छा उत्पादन करता है तो कोशिश होगी कि पूरे देश में खूंटी को लाख के नाम से जाना जाये. उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण देने में सहयोग करेगी. खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. किसान उसका लाभ उठायें. सिंचाई के लिए भी सरकार सहायता करेगी. किसान कृषि से अपना रोजगार बढ़ायें. तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि जिले के किसान भी सरकार की मदद से आगे बढ़ सकते हैं. उन्होंने मंत्री से जिले में अच्छी सिंचाई व्यवस्था करने की मांग की. वहीं वनोत्पाद के लिए सहयोग करने, अच्छा बाजार उपलब्ध कराने की भी मांग की. इस अवसर पर किसानों ने भी अपनी समस्या और सुझाव रखे. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मुरहू और अम्मा में 500 एमटी क्षमता का गोदाम का शिलान्यास किया. वहीं किसानों को प्रशस्ति पत्र और टूल किट का वितरण किया. मौके पर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सिद्ध कोफेड उमाशंकर सिंह, निदेशक चैतू उरांव, रवि मिश्र, नइमुद्दीन खान सहित अन्य उपस्थित थे. कृषि एवं वनोपज आधारित ग्रामीण स्वरोजगार सृजन विषयक एकदिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला
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