Bokaro News : चंदनकियारी प्रखंड के भोजूडीह निवासी सीआरपीएफ जवान मिलन सिंह राजपूत जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस दुर्घटना के बाद लंबी इलाज के दौरान शहीद हो गये. शनिवार को शहीद के शव का पैतृक निवास भोजूडीह में अंतिम संस्कार के बाद रविवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा. शहीद की पत्नी, माता-पिता, भाई गमगीन है. परिवार को अपने को खोने का गम है तो शहादत पर गर्व भी है. पिता नंदलाल सिंह ने कहा कि काफी काफी संघर्ष कर अपने पुत्र की परवरिश की थी. शुरू से ही मिलन की सेना में जाने की चाहत थी. कई बार आर्मी की बहाली में भाग लिया था. मिलन ने शुरुआती पढ़ाई भोजूडीह रेलवे विद्यालय से की थी. 2012 में मैट्रिक के बाद सिंदरी से इंटर 2014 में पास किया. इसके बाद उसने सिंदरी से आइटीआइ किया. पारिवारिक स्थिति को देख उसने 2021 में सीआरपीएफ में योगदान दिया.
इलाज के दौरान 23 दिनों तक बेटे के साथ रही मां : शहीद मिलन की मां तुला देवी ने बताया कि वह इलाज के दौरान अपने बेटे के साथ 23 दिनों तक रही. मिलन कहता था कि मां मैं जल्दी ठीक होकर वापस घर आऊंगा. यह याद कर वह भावुक हो जाती हैं. आगे तुला देवी ने बताया कि मिलन लगभग ठीक हो चुका था. व्हील चेयर पर था. घटना के दिन उसने खिचड़ी खायी. फिर अचानक घटना की सूचना मिली.हंसमुख व मिलनसार था मिलन :
मिलन का दोस्त भोजूडीह के रितेश शर्मा बताते हैं कि वह हंसमुख व मिलनसार स्वभाव का था. छुट्टी पर घर आने पर वह अपने सभी दोस्तों से जरूर मिलता था और घंटों समय बीताता था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
