मेंटेनेंस के अभाव में दम तोड़ रही हाइमास्ट लाइट, एक दर्जन से अधिक पड़ा है खराब

मुंगेर शहर के प्रमुख चौक-चौराहा और महत्वपूर्ण स्थलों पर नगर निगम, आरसीडी और डूडा की ओर से 92 हाइमास्ट लाइट लगायी गयी थी, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में एक दर्जन से अधिक हाइमास्ट लाइट हमेशा खराब ही रहता है.

सदर अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर हाइमास्ट के नहीं जल रही सभी लाइट

मुंगेर. मुंगेर शहर के प्रमुख चौक-चौराहा और महत्वपूर्ण स्थलों पर नगर निगम, आरसीडी और डूडा की ओर से 92 हाइमास्ट लाइट लगायी गयी थी, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में एक दर्जन से अधिक हाइमास्ट लाइट हमेशा खराब ही रहता है. हालांकि, दुर्गा पूजा को देखते हुए शिकायत मिलने पर बूझी हुई हाइमास्ट लाइटों को दुरुस्त कराने का निगम दावा तो कर रही है, लेकिन वर्तमान समय में भी आधा दर्जन से अधिक हाइमास्ट लाइट खराब पड़ी हुई है.

शहर में लगी है 92 हाइमास्ट लाइट, मेंटेनेंस का घोर अभाव

मुंगेर नगर निगम प्रशासन के अनुसार, शहर में 92 हाइमास्ट लाइट लगी है. नगर निगम की मानें तो उसके द्वारा शहर में कुल 40 हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी हैं, जबकि 52 स्ट्रीट लाइट डूडा, आरसीडी द्वारा लगाया गया है. वहीं शहर में अन्य निधि से भी कई हाइमास्ट लाइट लगाये गये है. जिसकी जानकारी निगम के पास नहीं है. इधर बुडको, नगर निगम और आईओसी की ओर से शहर में पुन: हाइमास्ट लाइट लगाने की योजना है, लेकिन पूर्व से लगे हाइमास्ट लाइट के मेंटनेंस के प्रति जिम्मेदार एजेंसी के साथ ही निगम प्रशासन लापरवाह बना है. पूर्व में ईएसएल को इसे ठीक करने की जिम्मेदारी दी गयी थी. जिसका अनुबंध अवधि निगम के साथ समाप्त हो गया. हालांकि, निगम ने कोलकाता के एक एजेंसी से स्ट्रीट लाइट व हाइमास्ट लाइट के मेंटनेंस को लेकर इकरारनामा किया है. जिसके द्वारा इसके मरम्मती का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आज भी आधे से अधिक हाइमास्ट लाइट शहर में खराब पड़ी हुई है.

शहर के इन स्थानों पर आज भी खराब है हाइमास्ट लाइट

शहर के कई स्थानों पर आज भी हाइमास्ट लाइट खराब है. विदित हो कि एक हाइमास्ट लाइट लगाने में 8 से 10 लाख तक का खर्च आता है. इसमें 8 लाइट लगाया जाता है. ब्रांडेड कंपनी की एक लाइट की कीमत 20 से 25 हजार से अधिक होती है. लेकिन शहर में लगे हाइमास्ट लाइट के पोल पर जब आपकी नजर पड़ेंगी तो अधिकांश हाइमास्ट पोल पर दो-तीन लाइटें हमेशा खराब ही मिलेगी. मुंगेर सदर अस्पताल के महिला वार्ड की तरफ भी एक स्ट्रीट लाइट लगी हुई है. जो वर्षाें से खराब है. कभी दो तो कभी एक लाइट इसमें जलती है, लेकिन वह कब जलेगी और बुझेगी इसकी कोई गारंटी नहीं रहता है. शहर के प्रमुख चौक कौड़ा मैदान चौक, आरडी एंड डीजे कॉलेज रोड, वार्ड नंबर 32 में लल्लू पोखर और वार्ड नंबर 38 में खानकाह मोड़ के पास लगी हाइमास्ट लाइट खराब है. पोलो मैदान के पास लगी हाइमास्ट लाइट का पोल झुका हुआ है, जबकि पोल पर लगी कई लाइट नहीं जलती है. इसके अलावे भी कई जगहों पर हाइमास्ट लाइट खराब है.

कहते हैं जिम्मेदार

कोलकाता की एजेंसी तिरूपति ट्रेडर्स से निगम ने अनुबंध किया है. जो स्ट्रीट लाइट के साथ ही खराब हाइमास्ट लाइट को ठीक करने का काम कर रही है. राजीव गांधी चौक, सोझी घाट मोड़ सहित कई स्थानों पर खराब हाइमास्ट लाइट को ठीक कराया जा चुका है. जो खराब है उसे दुर्गा पूजा को देखते हुए ठीक करने का काम किया जा रहा है.

एहतशाम हुसैन, सिटी मैनेजर.

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