मुंगेर में खतरे के निशान से मात्र 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंगा, गांव व घरों में घुसने लगा पानी

मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है और रविवार को खतरे के निशान से मात्र 12 सेंटीमीटर नीचे गंगा बह रही थी.

कुतलुपुर पंचायत में कटाव रोकने को प्रशासनिक स्तर पर चल रहा कटाव रोधी कार्य

मुंगेर. मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है और रविवार को खतरे के निशान से मात्र 12 सेंटीमीटर नीचे गंगा बह रही थी. बाढ़ अब गांव-घरों को डुबाने लगी है. बाढ़ के पानी के बीच मुश्किलों में घिरे गंगा पार पंचायतों से गांव-घर छोड़ कर सुरक्षित स्थान के लिए पलायन करने लगे है. जबकि कुतलुपुर पंचायत में कटाव रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कटाव रोधी कार्य लगातार चलाया जा रहा है.

गंगा के जलस्तर में लगातार जारी है वृद्धि

मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से मात्र 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. धीरे-धीरे ही सही लेकिन गंगा के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है. आपदा विभाग से जारी सूचना के अनुसार रविवार की सुबह में गंगा का जलस्तर 39.15 मीटर पर थी. यानी वार्निंग लेबल से 82 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, लेकिन शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 39.21 मीटर पर पहुंच गया. जो खतरे के निशान 39.33 मीटर से मात्र 12 सेंटीमीटर नीचे है. सूचना के अनुसार अभी मुंगेर गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहेगा. हालांकि ऊपर में गंगा का जलस्तर कहीं गिर रहा है तो कहीं स्थिर है. लेकिन मुंगेर में गंगा के जलस्तर में अभी भी वृद्धि जारी है.

गांव-घर छोड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे लोग

बाढ़ का पानी सदर प्रखंड के गंगा पार कुतलुपुर, जाफनगर और टीकारामपुर पंचायत के गांव व घरों को डुबोने लगी है. दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ चुका है. बाढ़ के पानी के बीच मुश्किलों में घिरे लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे है. हालांकि सरकारी स्तर पर पूर्व में संचालित राहत केंद्र और सामुदायिक किचन पानी उतरने के साथ ही बंद हो गया था. लेकिन वर्तमान में दोबारा बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. परंतु प्रशासनिक स्तर पर डेंजर लेवल के पार जलस्तर होने पर ही बाढ़ माना जाता है. जिसके कारण प्रशासनिक स्तर पर राहत बंद है. इस परिस्थिति में गांव-घर छोड़ कर पलायन करने वाले दुबारा गृहस्थी छोड़ कर निकल रहे है. जिसके कारण उनकी जिंदगी काफी मुश्किल में कट रही है. उनको इंतजार है कि कब पानी डेंजर लेबल के पार होगा और जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य शुरू करेंगी.

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