Darbhanga : मिथिला की उड़ान को नई ऊंचाई दे रहा दरभंगा एयरपोर्ट

दिसंबर में 55 हजार से अधिक यात्रियों ने भरी उड़ान 31 दिनों में कुल 348 विमानों की हुई आवाजाहीहर फ्लाइट में औसतन 88 प्रतिशत सीट की बुकिंगदरभंगा. मिथिला व आसपास

दिसंबर में 55 हजार से अधिक यात्रियों ने भरी उड़ान

31 दिनों में कुल 348 विमानों की हुई आवाजाहीहर फ्लाइट में औसतन 88 प्रतिशत सीट की बुकिंग

दरभंगा. मिथिला व आसपास के इलाके के लोगों के लिए दरभंगा हवाई अड्डा बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के रूप में खुद को साबित कर रहा है. दिसंबर माह में दरभंगा एयरपोर्ट से 55 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर किया. 31 दिनों के भीतर कुल 348 विमानों का परिचालन हुआ. 28 दिसंबर को 16 विमानों में सबसे अधिक 2635 लोगों ने सफर किया था. जबकि 27 दिसंबर को चार फ्लाइट में केवल 658 हवाई यात्री आये- गये. 26 दिसंबर को धुंध के कारण दरभंगा से विमान सेवा ठप रही. आंकड़ा के हिसाब से रोजाना करीब 10 फ्लाइट का ही आना- जाना होता है. बावजूद यात्रियों की इतनी संख्या हवाई अड्डे की बढ़ती उपयोगिता और यात्रियों के भरोसे को दर्शाता है.

180 सीट की फ्लाइट में औसतन 160 लोग करते यात्रा

एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार दरभंगा से संचालित होने वाली प्रत्येक फ्लाइट में औसतन 88 प्रतिशत से अधिक सीटों पर बुकिंग रहती है. 180 सीट वाली फ्लाइट में औसतन 160 लोग सवार होते हैं. यह आंकड़ा बताता है कि क्षेत्र में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है. खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के लिए उड़ानों में यात्रियों की संख्या सबसे अधिक देखी जा रही है.

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व हैदराबाद तक सिमटी उड़ान

वर्तमान में दरभंगा हवाई अड्डे से देश के केवल चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद के लिए ही नियमित विमान सेवा है. सीमित रूट होने के बावजूद यात्रियों की भारी संख्या संकेत देती है कि यदि नए गंतव्यों को जोड़ा जाए, तो यात्री संख्या में और अधिक इजाफा हो सकता है. विदित हो कि विंटर शेडयूल में अकासा व एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बेंगलुरु के लिये स्लॉट ले रखा है, बावजूद अभी तक सर्विस नहीं मिल रही है. आठ नवंबर 2020 को दरभंगा से घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत की गयी थी.

आइटी सेक्टर व शिक्षा से जुड़े लोगों को हो रही परेशानी

यात्रियों का कहना है कि बेंगलुरु के लिए विमान सेवा कई माह से ठप है. इससे खासकर आइटी सेक्टर, शिक्षा और निजी कंपनियों से जुड़े लोगों को काफी परेशानी हो रही है. बैंगलुरु रूट पर सेवा बहाल होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई यातायात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी होगी. स्थानीय लोगों और व्यवसायियों का मानना है कि दरभंगा हवाई अड्डा मिथिला क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के और अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी.

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Author: SATISH KUMAR

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