Chapra News : सर्टिफिकेट केस निबटारे को लेकर घर-घर जाकर कर्मी दे रहे हैं नोटिस

20 से 40 साल पहले के बकायेदारों ने बैंकों के छुड़ाएं पसीनेलोन बकायदार से बोल रहे हैं कर्मी- पैसा जमा करो, वरना जेल जाओ, घर की कुर्की भी होगीसंवाददाता, छपरा.

20 से 40 साल पहले के बकायेदारों ने बैंकों के छुड़ाएं पसीने

लोन बकायदार से बोल रहे हैं कर्मी- पैसा जमा करो, वरना जेल जाओ, घर की कुर्की भी होगी

संवाददाता, छपरा. सरकार का करोड़ों रुपये दबाये बैठे बकायेदारों ने बैंक के अधिकारी और कर्मियों के पसीने छुड़ा दिये हैं. पता तो यह भी चल रहा है कि जितने भी बकायदार है उनमें से कई का निधन हो चुका है और कई जिला छोड़कर दूसरे राज्य और देश में रह रहे हैं. ऐसे में इस तरह का बकाया मिलना मुश्किल लग रहा है. हालांकि बैंक और विभिन्न कार्यालय जिनके यहां से नीलामवाद पत्र के तहत नोटिस जारी हुआ है उनके नोटिस को लेकर कर्मचारी घर-घर घूम रहे हैं. इस दौरान बता रही रहे हैं कि जितना जल्दी हो सके पैसा जमा करें या सेटलमेंट कारण नहीं तो गिरफ्तारी के अलावा घर की कुर्की भी हो सकती है. वैसे अब तक 40 बकायदाओं की गिरफ्तारी हो चुकी है. वही कई नोटिस और वारंट जारी होने के बावजूद रुपये जमा नहीं कर रहे बकायदाओं के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी शुरू हो गयी है. प्रशासन की सख्ती के बाद बकायदरों में हड़कंप मच गया है. जानकारी हो कि 1970 से लेकर अब तक के बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, यानी यह मामले 20 से 40 सालों के हैं.

37 हजार मामले निबटाने की तैयारी

सारण जिला में विभिन्न सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास नीलामपत्र के लगभग 37 हजार मामले लंबित है. इन मामलों में लगभग 533 करोड़ रुपये सन्निहित हैं. इनमें से जिला के विभिन्न बैंको से संबंधित लगभग 28 हजार मामले हैं. बैंकों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग नहीं मिलने के कारण मामलों के निष्पादन में विलंब होता है. बैंकों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और कड़ी कार्रवाई का आदेश जारी किया था अब उसका असर दिखने लगा है.

शुरू हुई गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई

जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिले में बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गयी है. विभिन्न थाना क्षेत्र से 40 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इसके अलावा 48 घंटे में 50 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह ऐसे लोग हैं जिनको कई बार नोटिस और वारंट जारी करने के बावजूद राशि जमा नहीं की गयी है या कागजात नहीं दिखाया गया है. जो लोग प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं उनकी कुर्की की तैयारी हो रही है.

नोटिस की तामिला नहीं हुई, तो कार्रवाई तय

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में नीलामपत्र पदाधिकारियों द्वारा निर्गत विभिन्न प्रकार के नोटिस के तामिला में भी बैंकों को सक्रिय सहयोग देने को कहा गया है. नोटिस तामिला में तेजी लाने के लिये डेडिकेटेड वाहन तामिला एक्सप्रेस के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है. सभी बैंक एवं नीलामपत्र पदाधिकारी त्वरित कार्रवाई करेंगे और 15 दिनों के बाद अद्यतन प्रगति की समीक्षा की जायेगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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