चार हजार बच्चे निजी स्कूलों में लेंगे मुफ्त शिक्षा

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का नामांकन31 जनवरी तक ज्ञानदीप पोर्टल पर लिया जा रहा आवेदन उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुरचार हजार बच्चे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त

By Vinay Kumar | January 10, 2026 8:48 PM

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों का नामांकन

31 जनवरी तक ज्ञानदीप पोर्टल पर लिया जा रहा आवेदन

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

चार हजार बच्चे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा का लाभ लेंगे. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार व वंचित समाज के बच्चों का नामांकन जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में किया जायेगा. इसके लिए शिक्षा विभाग की वेबसाइट ज्ञानदीप पर ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. 31 जनवरी तक आवेदन की अंतिम तिथि है. ओबीसी व आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लोगों को एक लाख सालाना आय से कम का आय प्रमाणपत्र देना है. एससी व एसटी के लिए इसकी जरूरत नहीं है. सत्र 26-27 में इन बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित की गयी हैं. जिले में लगभग 725 निजी प्रारंभिक विद्यालय इस अभियान का हिस्सा हैं. इसमें शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के निजी स्कूल भी शामिल हैं. इस बार जिला शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता व पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष तैयारी की है. ज्ञानदीप पोर्टल पर अपलोड की गयी जानकारी के अनुसार इस साल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के अधिक बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ देने के लिए निजी स्कूलों को निर्देशित किया गया है. पिछले सत्र 25-26 में जिले में करीब 1800 बच्चों ने आवेदन किया था. इनमें 1300 बच्चों का नामांकन हुआ. इस बार प्रचार-प्रसार अधिक होने के कारण आवेदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

दो फरवरी को ऑनलाइन लॉटरी

ज्ञानदीप पोर्टल पर भरे गये आवेदनों को शहर के तीन किलोमीटर तक और ग्रामीण क्षेत्राें में छह किलोमीटर की दूरी वाले स्कूलों को भेजा जायेगा. यदि उन स्कूलों में आरक्षित सीट से अधिक आवेदन आयेंगे तो छह फरवरी को लॉटरी से बच्चों का चयन किया जायेगा और सात से 21 फरवरी तक बच्चों का नामांकन होगा. प्री-स्कूल के लिए बच्चे की आयु तीन वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिये. वहीं पहली कक्षा के लिए बच्चे की उम्र छह वर्ष तक निर्धारित की गयी है. एक बार नामांकन होने के बाद, बच्चा उसी स्कूल में कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा प्राप्त करेगा.

नामांकन के समय इन कागजातों की होगी जरूरत

– बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र

– अभिभावक का आवास प्रमाण पत्र

– आय प्रमाण पत्र (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, ओबीसी)

– जाति प्रमाण पत्र (एससी, एसटी या पिछड़ा वर्ग)

– बच्चे का आधार कार्ड

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