World Nature Conservation Day: वो 7 आदतें जो धरती और आपकी हेल्थ दोनों बचाएंगी

World Nature Conservation Day के मौके पर जानिए 7 ऐसी आसान आदतें जो आपकी लाइफस्टाइल को सस्टेनेबल बनाएंगी और पर्यावरण को राहत देंगी. कपड़े का बैग, बिजली की बचत, लोकल खाना और भी बहुत कुछ.

Eco-friendly lifestyle habits: आज पर्यावरण को बचाना इंसान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गयी है. क्योंकि प्रकृतिक का अंधाधुंध दोहन कर हम धरती को संकट में डाल रहे हैं. हमें जरूरत है ऐसी आदतों को अपनाने की जो न केवल हमारी लाइफस्टाइल को बेहतर करें बल्कि प्रकृति को भी राहत दें. World Nature Conservation Day के मौके पर आइए जानते हैं 7 ऐसी आसान और असरदार आदतें जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव लाएंगी और धरती के लिए भी एक तोहफा बन जाएंगी.

प्लास्टिक के बजाय कपड़े के बैग का करें इस्तेमाल

हर बार जब आप सब्जी या ग्रॉसरी लेने जाएं, एक कपड़े का बैग साथ रखें. एक अनुमान के मुताबिक हर साल 5 ट्रिलियन प्लास्टिक बैग इस्तेमाल होते हैं, जो नदियों, जंगलों और समुद्रों का दम घोंट रहे हैं.

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बिजली बचाओ, बिल भी घटाओ

फोन, टीवी या लैपटॉप आज हमारी आदत बन गई है? लेकिन आज हमें ये संकल्प लेना होगा इनका जरूरत भर इस्तेमाल करें. क्योंकि ये सभी को चलाने के लिए बिजली का उपयोग होता है. हमारा जरूरत से अधिक यूज ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है. साथ ही इससे बिजली बिल भी बढ़ता है.

ज्यादा देर न नहाएं

5 मिनट से ज्यादा नहाने में बिताने का मतलब है हर बार करीब 50 लीटर पानी बर्बाद करना. अगर आप शावर टाइम कम करें, तो हर महीने सैकड़ों लीटर पानी बच सकता है.

लोकल और सीजनल खाएं

सीजनल फल-सब्जी खाना सिर्फ सेहत के लिए सिर्फ अच्छा नहीं है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है. लोकल प्रोड्यूस को ट्रांसपोर्ट करने में कार्बन उत्सर्जन कम होता है.

फैशन में भी करें ‘ईको फ्रेंडली’ चॉइस

फास्ट फैशन का चलन पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. हर सेकेंड दुनियाभर में एक ट्रक कपड़ा कचरे में जाता है. कोशिश करें कि ऐसे ब्रांड को चुनें जो रीसायकल फैब्रिक इस्तेमाल करते हों या कम उत्पादन करते हों.

टूथब्रश, स्ट्रॉ और शेविंग किट सब कुछ हो सकता है सस्टेनेबल

बांस के टूथब्रश, स्टील के स्ट्रॉ और रेजर की रीफिल जैसे छोटे चेंज करके हम बड़े बदलाव ला सकते हैं. ये प्लास्टिक कचरे को 50 फीसदी तक घटा सकते हैं.

पौधे लगाएं, पर उनको अपनाएं भी

घर पर पौधा लगाना ट्रेंड बन चुका है, लेकिन उनका ख्याल रखना एक जिम्मेदारी है. रोज एक पेड़ की देखभाल करें और साल में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं. यह हवा को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारता है.

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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