world hypertension day : साइलेंट किलर है हाइपरटेंशन, इस समस्या से रहें सावधान

हर साल दुनियाभर में 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है. हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है, जो जानलेवा साबित होने के साथ कई गंभीर बीमारियों को बढ़ावा भी दे सकती है. जानें इस समस्या एवं इससे बचाव के तरीकों के बारे में...

world hypertension day : हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर भी कहा जाता है. भारत में हाई ब्लड प्रेशर न सिर्फ एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, बल्कि मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण भी है.   

  • 140/90 से ऊपर होता है रक्‍तचाप तो इसे हाइपरटेंशन या उच्‍च रक्‍तचाप कहा जाता है. 
  • 180/120 से अधिक रक्तचाप होने पर स्थिति गंभीर मानी जाती है. 

भारत में लगभग 20 करोड़ वयस्कों को है हाई ब्लड प्रेशर 

  • 213 करोड़ है दुनिया में हाइपरटेंशन से ग्रसित लोगों की संख्या, डब्ल्यूएचओ के अनुसार.
  • दुनिया का हर चौथा व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का मरीज. 
  • हर 10 में से 3 भारतीय को हाइपरटेंशन की शिकायत है.
  • 2013 से 2030 के बीच दुनिया में उच्च रक्तचाप के मामलों में 8 फीसदी के इजाफे का अनुमान है.
  • 20 करोड़ के करीब भारतीय वयस्कों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है.  
  • 97 फीसदी का इजाफा हुआ है पिछले 30 वर्षों के दौरान हाइपरटेंशन के मामलों में. 
  • 58 करोड़ लोग यह नहीं जानते कि वे उच्च रक्तचाप का शिकार हैं, जबकि 72 करोड़ लोग अभी भी इसके इलाज से वंचित हैं.  

बिहार में सबसे कम हैं हाई ब्लड प्रेशर के मरीज 

राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी पुरुषों और महिलाओं में उच्च रक्तचाप का प्रसार जहां केरल में सबसे ज्यादा है (31 प्रतिशत से 39 प्रतिशत), वहीं बिहार में यह दर सबसे कम (16 प्रतिशत से 22 प्रतिशत) है. उच्च रक्तचाप से पीड़ित कुल मरीजों की संख्या के मामले में भी बिहार की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है. 

  • 12.8% देखी गयी बिहार में उच्च रक्तचाप की व्यापकता. 
  • 40% है पुडुचेरी में हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीजों की दर. 
  • 14,267,516 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश इस समस्या को लेकर सबसे खराब स्थिति में है. 
  • 12,820,905 तमिलनाडु में हैं हाई ब्लड प्रेशर के मामले. 
  • 10,896,960 मामले उच्च रक्तचाप के हैं महाराष्ट्र में. 

ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रहे मामले 

  • 33% शहरी आबादी को है उच्च रक्तचाप की शिकायत.  
  • 25% ग्रामीण इलाके में रहने वाले हैं, इस समस्या से ग्रसित.  
  • 42% शहरी एवं 25% ग्रामीण आबादी इसके प्रति जागरूक है.  
  • 38% शहरी भारतीय ही इस समस्या का इलाज करा रहे हैं, जबकि गांव में ये आंकड़ा 25% है.   

हाई ब्लड प्रेशर है कई समस्याओं का जनक 

  • हार्ट अटैक 
  • हार्ट स्ट्रोक 
  • क्रोनिक किडनी डिजीज 
  • दृष्टि हानि

कारक जो बढ़ा देते हैं जोखिम 

  • बढ़ती उम्र 
  • ज्यादा वजन व मोटापा
  • डायबिटीज
  • फैमिली हिस्ट्री
  • तनाव व चिंता
  • धूम्रपान 

इसके लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • सिर दर्द या चक्कर आना
  • थकान और सुस्ती लगना
  • दिल की धड़कन बढ़ जाना
  • सीने में दर्द  
  • सांसें तेज चलना या सांस लेने में तकलीफ होना
  • आंखों से धुंधला दिखना 

क्या करें 

  • नियमित व्यायाम करें. 
  • ताजे फल व सब्जियों का सेवन करें. 
  • समय पर सोने व उठने की आदत डालें. 
  • डिवाइसेज के गैर-जरूरी इस्तेमाल से बचें.  
  • अपने वजन को नियंत्रित रखें.  

क्या न करें 

  • नमक का ज्यादा सेवन न करें. 
  • तंबाकू व शराब न लें. 
  • जैम, कैचअप जैसे प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन न करें . 
  • अत्यधिक तेल व चिकनाई युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन न करें.  

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prachi Khare

Sr. copy-writer. Working in print media since 15 years. like to write on education, healthcare, lifestyle, fashion and film with the ability of produce, proofread, analyze, edit content and develop quality material.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >