Kolkata आएं तो जरूर करें दुनिया के 5वें सबसे बड़े मंदिर के दर्शन

West Bengal Tourism: विश्व प्रसिद्ध बेलूर मठ का निर्माण स्वामी विवेकानंद ने करवाया था. यह मठ अनूठी और अद्वितीय वास्तुकला का प्रतीक है. तो आइए आज आपको बेलूर मठ से जुड़े रोचक तथ्य बताएं.

West Bengal Tourism: पश्चिम बंगाल में प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों, कला, संस्कृति, साहित्य और खूबसूरत मठों का अनोखा संगम है. यहां के आश्रम और ऐतिहासिक इमारतें वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. बंगाल का बेलूर मठ अपने अद्भुत वास्तुकला और संरचना के लिए दुनियाभर में मशहूर है. अगर आप भी अनोखे स्थापत्य कला को देखना पसंद करते हैं,तो बेलूर मठ जरूर विजिट करें.

West Bengal Tourism: कैसे पहुंचेंगे बेलूर मठ

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित बेलूर मठ दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा मंदिर है. यह एक प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है. यह मठ हावड़ा से करीब 6 किमी दूर स्थित है. आप ट्रेन, सड़क और हवाई मार्ग से यहां आ सकते हैं. बेलूर मठ 40 एकड़ के क्षेत्र में पहले चारों ओर से हरियाली से घिरा हुआ स्थान है, जिसकी सुंदरता अद्वितीय है.

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West Bengal Tourism: स्वामी विवेकानंद ने की थी इसकी स्थापना

बेलूर मठ धर्मनिरपेक्षता और सर्वधर्म एकता का अद्भुत उदाहरण है. इस मठ की इमारतों की वास्तु और स्थापत्य कला में हिंदू,ईसाई और मुस्लिम तत्वों का सम्मिश्रण है, जो सर्वधर्म एकता का प्रतीक है. हुगली नदी के तट पर मौजूद यह मठ रामकृष्ण मठ और मिशन का मुख्यालय भी है. इस मठ की स्थापना 1897 में स्वामी विवेकानंद ने की थी. आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे, इस कारण बेलूर मठ में उन्होंने रामकृष्ण मठ और मिशन के मुख्यालय बनाए. बेलूर मठ भारतीय धर्मों के विविधता को दर्शाता अद्भुत वास्तुकला का प्रतीक है. श्री रामकृष्ण मंदिर मठ में आकर्षण का मुख्य केंद्र है जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. यहां मठ परिसर श्री रामकृष्ण परमहंस की संगमरमर से बनी एक आदमकद प्रतिमा है, जो इस मठ को और आकर्षक बनाती है. मठ के प्रवेश द्वार पर रामकृष्ण परमहंस की पत्नी मां सारदा देवी को समर्पित पवित्र माता का मंदिर स्थित है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. बेलूर मठ परिसर में स्वामी विवेकानंद का समाधि स्थल भी मौजूद है, जहां विवेकानंद की राख रखी गई थी. बेलूर मठ भारतीय धर्मों की एकता को समर्पित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है.

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लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

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