Health Tips: बादाम को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन इसे खाने का सही तरीका क्या है? यह एक ऐसा सवाल है जोलगभग हर घर में पूछा जाता है. कुछ लोग इसे क च्चा खाना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग इसे रातभर भिगोकर सुबह छीलकर खाते हैं. अक्सर हमारी दादी-नानी भी यही सलाह देती हैं कि बादाम को हमेशा छीलकर ही खाना चाहिए, वरना इसके पूरे फायदे नहीं मिलते. लेकिन क्या वाकई बादाम के छिलके में कुछ ऐसा होता है जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? या फिर हम छिलका उतारकर इसके जरूरी पोषक तत्व कूड़े में फेंक रहे हैं? आज हम आपको बताएंगे कि बादाम खाने का सबसे बेस्ट तरीका क्या है, ताकि आपको मिले भरपूर एनर्जी और तेज दिमाग.
छिलके के साथ बादाम क्यों नहीं खाना चाहिए?
बादाम के भूरे छिलके में ‘टेनिन’ (Tannin) नाम का एक तत्व होता है. यह तत्व बादाम के गुणों को शरीर में पूरी तरह सोखने से रोकता है. जब आप छिलके के साथ बादाम खाते हैं, तो आपका शरीर इसके विटामिन और मिनरल्स का पूरा लाभ नहीं उठा पाता. इसलिए छिलका उतारना केवल परंपरा नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी सही है.
भिगोकर खाने के फायदे
जब हम बादाम को पानी में भिगोते हैं, तो वह नरम हो जाता है और उसे पचाना बहुत आसान हो जाता है. भिगोने से बादाम के अंदर के खास एंजाइम एक्टिव हो जाते हैं, जो शरीर को फैट पचाने में मदद करते हैं. अगर आपको पेट की समस्या रहती है, तो भिगोया हुआ बादाम आपके लिए सबसे बेस्ट है.
छिलका उतारने से बढ़ता है स्वाद
बिना छिलके वाला बादाम खाने में ज्यादा मीठा और मुलायम लगता है. छिलके में थोड़ी कड़वाहट होती है, जिसे हटाने के बाद बादाम का असली स्वाद निखर कर आता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए बिना छिलके वाला बादाम चबाना और पचाना बहुत आसान होता है.
क्या कच्चा बादाम खा सकते हैं?
कच्चा या सूखा बादाम खाना सेहत के लिए बुरा नहीं है, लेकिन इसके फायदे भीगे हुए बादाम के मुकाबले थोड़े कम हो जाते हैं. अगर आप सफर में हैं और बादाम भिगोना भूल गए हैं, तो आप इसे ऐसे भी खा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि इसे अच्छी तरह चबाकर खाएं.
एक दिन में कितने बादाम खाएं?
सेहतमंद रहने के लिए एक सामान्य इंसान को दिन भर में 6 से 8 बादाम खाने चाहिए. इसे सुबह खाली पेट खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है और याददाश्त भी अच्छी होती है.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.
