Lockdown के दौरान वापस लौटा Quizzing का दौर

कोविड-19 लॉक डाउन के दौर में दुनिया में मनोरंजन के पुराने साधनों की वापसी हो रही है. इसी कड़ी में वापसी हुई है क्विज प्रतियोगिताओं की. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपस में जुड़ने और मनोरंजन करने के लिए छोटे-छोटे स्तारों पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है.

कोविड-19 लॉक डाउन के दौर में दुनिया में मनोरंजन के पुराने साधनों की वापसी हो रही है. इसी कड़ी में वापसी हुई है क्विज प्रतियोगिताओं की. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपस में जुड़ने और मनोरंजन करने के लिए छोटे-छोटे स्तारों पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है.

व्हाट्सएप्प समूहों के जरिये हो रहा है क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन : लॉकडाउन के समय में क्विज प्रतियोगिता मुख्य तौर पर पुराने व्हाट्सऐप समूहों की मदद से किया जा रहा है. इन समूहों पर क्विज के आयोजन की सूचना दी जाती है और इसके बाद इसे जूम ऐप की मदद से तय समय पर आयोजित किया जाता है. कॉरपोरेट जगत से जुड़े मुंबई में रहने वाले सौरभ सिंह ने बताया कि वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज के पुराने साथियों के व्हाट्सऐप समूह की मदद से इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहे हैं. इस प्रतियोगिता की एक खासियत यह है कि इसमें अमेरिका, इकनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दिल्ली, पटना, रांची, बरेली कहीं भी मौजूद दोस्त शामिल हो सकता है और आपस में बात भी कर सकता है.

कुछ पेशेवर लोगों ने भी इस तरह की प्रतियोगिता से लोगों को जोड़ने की कवायद की है, जो काफी काफी कामयाब भी रही है. बेंगलुरू के वालनट नॉलेज साल्युशंस ने लॉकडाउन के दौरान घरों में रहनेवाले लोगों के लिए ऑलनाइन हर रविवार ऑनलाइन क्विज का आयोजन शुरू किया है. इस समूह ने पिछले छह रविवार से जूम ऐप के जरिये परिवारों के लिए एक घंटे का क्विज आयोजित किया है. पहले रविवार को इस प्रतियोगिता में 500 परिवार शामिल हुए थे. आगे यह संख्या बढ़कर 2500 परिवार से ज्यादा हो गयी.

क्या है क्विज की लोकप्रियता का कारण : लॉकडाउन के दौरान क्विज प्रतियोगिताओं की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण लोगों को करीब लाने और लंबे समय तक उनकी दिलचस्पी बनाए रखने की उनकी क्षमता है. ऑनलाइन क्विजों को लोकप्रिय बनाने में निस्संदेह जूम ऐप ने बड़ी भूमिका निभाई है. जूम ऐप के बेसिक वर्जन पर 100 लोग एक साथ ऑनलाइन आ सकते हैं. इससे जुड़ना भी आसान है. इसके अलावा यह पुराने दिनों की यादों को भी ताजा कर रहा है. पुणे के निवासी मनीष मिश्रा जो अपनी सोसाइटी के लिए ऐसी ही क्विज प्रतियोगिता का हर रविवार आयोजन कर रहे हैं बताते हैं कि 80-90 के दशक में मनोरंजन का एक बड़ा साधन सामुदायिक स्तर पर क्विज प्रतियोगिता हुआ करता था. ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताओं ने पुराने दिनों की यादों को ताजा कर दिया है.

सरकारी संस्थाएं भी कर रही हैं क्विज का आयोजन : सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं भी क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही हैं.पिछले दिनों बिहार सरकार के पर्यावरण विभाग ने लोगों को व्यस्त रखने और पर्यावरण के संबंध में उन्हें जागरूक बनाने के लिए दैनिक क्विज का आयोजन शुरू किया था. इस प्रतियोगिता में प्राइज भी रखा गया था. इन बच्चों को दो ग्रुप्स में बांटा गया था.

लॉकडाउन के दौरान छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़े रखने के लिए डायरक्टरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन, जम्मू ने भी छात्रों के लिए ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया है. इस प्रतियोगिता में सरकारी और निजी स्कूलों के 10000 से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. यह प्रतियोगिता होम असाइनमेंट के तहत आयोजित की गयी.

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