Parenting Tips: सुबह का समय माता-पिता के लिए इसलिए भी चुनौतियों से भरा होता है क्योंकि इस समय उन्हें खुद भी ऑफिस या काम के लिए तैयार होना पड़ता है और अगर बच्चे छोटे हैं, तो उन्हें स्कूल भेजने की जिम्मेदारी भी होती है. अक्सर छोटे बच्चे स्कूल जाने के नाम पर नखरे करने लगते हैं, वहीं कुछ बच्चे रोने-धोने या बीमारी का बहाना भी बना लेते हैं. यह एक ऐसी समस्या है जो लगभग हर घर में देखने को मिलती है. जब बच्चा स्कूल जाने से मना करता है, तो माता-पिता को लगता है कि वह सिर्फ जिद कर रहा है, लेकिन कई बार इसके पीछे असली वजह कुछ और होती है. अगर आप सही समय पर और सही तरीके से बच्चे को समझाते हैं, तो उसकी यह आदत धीरे-धीरे सुधर सकती है. इसलिए, एक पैरेंट की वजह से यह जरूरी है कि आप गुस्सा करने या जबरदस्ती स्कूल भेजने के बजाय, प्यार से बात करें और समझदारी से हालात को समझने की कोशिश करें.
समस्या को समझना जरूरी है
अगर आपका बच्चा स्कूल नहीं जाना चाहता है, तो हो सकता है कि यह सिर्फ उसकी जिद न हो. कई बार इसके पीछे कुछ छिपे कारण भी हो सकते हैं. ऐसा भी हो सकता है कि आपके बच्चे को स्कूल की किसी बात से डर लग रहा हो, जैसे कि उसे टीचर से डांट पड़ी हो, होमवर्क का प्रेशर हो या फिर दोस्त से लड़ाई हुआ हो. कई बार बच्चे नए माहौल या बदलाव के कारण भी असहज महसूस करते हैं और स्कूल जाने से डरते हैं. अगर आपका बच्चा स्कूल नहीं जाना चाहता है, तो शांत रहकर उसकी बातों को समझने की कोशिश करें.
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प्यार से बात करें, डांट से नहीं
अगर आपका बच्चा स्कूल जाने के समय काफी ज्यादा नखरा कर रहा है या फिर स्कूल जाना ही नहीं चाहता है, तो आपको उसे कभी भी डांटना नहीं चाहिए और न ही जबरदस्ती स्कूल भेजने की कोशिश करनी चाहिए. अगर आप ऐसा करेंगे तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं. बच्चे के साथ आराम से बैठकर बात करें और यह जानने की कोशिश भी करें कि आखिर वह स्कूल जाना क्यों नहीं चाहता है. उसे ऐसा फील करवाएं कि आप उसकी बातों को सुन रहे हैं और आपके लिए उसे इमोशंस मायने रखते हैं. जब बच्चा खुलकर अपनी प्रॉब्लम्स आपके साथ शेयर करेगा, तो आप आसानी से सॉल्यूशन ढूंढ पाएंगे.
रूटीन को आसान और मजेदार बनाएं
कई बार छोटे बच्चे सुबह जल्दी उठकर जल्दबाजी में तैयार होने के डर से भी स्कूल जाने के नाम से कतराते हैं. ऐसे में आपको उनके सुबह की रूटीन को थोड़ा आसान और मजेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए. रात में सोने से पहले ही स्कूल बैग तैयार कर लें और यूनिफार्म को निकालकर भी सही जगह पर रख दें. जब आप ऐसा करेंगे, तो बच्चे को सुबह के समय थोड़ा सा समय खेलने के लिए और आपसे बात करने के लिए मिल जाएगा. जब आप ऐसा करेंगे, तो बच्चे का मूड बेहतर होगा और वह खुद ही स्कूल जाने के लिए तैयार भी हो जाएगा.
स्कूल के प्रति पॉजिटिव माहौल बनाएं
बच्चे के सामने हमेशा ही स्कूल के बारे में पॉजिटिव और अच्छी बातें ही कहें. उसे स्कूल में होने वाली अच्छी एक्टिविटीज जैसे कि स्पोर्ट्स, ड्रॉइंग और दोस्तों के साथ टाइम स्पेंड करने के मौकों के बारे में बताएं. अगर आपके लिए पॉसिबल है, तो बच्चे के साथ स्कूल से जुड़ी मजेदार बातें और कहानियां भी शेयर करें. जब आप ऐसा करेंगे तो आपका बच्चे एक्साइटेड होकर स्कूल जाने के लिए तैयार रहेंगे.
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टीचर से बात करने की कोशिश करें
अगर आपका बच्चा हर दिन ही स्कूल जाने के नाम से नखरा कर रहा है या फिर बार-बार ही कह रहा है कि उसे स्कूल नहीं जाना है, ऐसे हालात में आपको उसके टीचर से बात जरूर करनी चाहिए. हो सकता है कि स्कूल में कोई ऐसी प्रॉब्लम हो जिसके बारे में आपको मालूम ही न हो. जब आप टीचर से खुलकर बात करेंगे, तो आपको बच्चे की परेशानी की वजह अच्छे से समझ में आ जाएगी.
पेशेंस रखना सबसे जरूरी
हर बच्चा एक दूसरे से काफी ज्यादा अलग होता है और उनके उसके प्रॉब्लम्स सॉल्यूशन भी अलग हो सकता है. माता-पिता के लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि बच्चे से बात करते समय वे पेशेंस जरूर बनाकर रखें.
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