युवाओं में तेजी से बढ़ रही है टेक नेक की समस्या, जानें इससे बचने के आसान उपाय

Neck Pain Relief: आज की डिजिटल लाइफ में घंटों स्क्रीन के सामने झुककर बैठने की ये गंदी आदत हमारी गर्दन की बैंड बजा रही है. लगातार गलत पोस्चर में काम करने से मसल्स पर जो हैवी प्रेशर पड़ता है, वही इस भयंकर दर्द की असली जड़ है. बस अपनी डेली आदतों को थोड़ा सा सुधारकर आप इस मुसीबत से हमेशा के लिए बचे रह सकते हैं.

Neck Pain Relief: आज के डिजिटल दौरान में लैपटॉप और कंप्यूटर हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन चुके हैं, जिन्हें हम चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. चाहे ऑफिस का काम करना हो या फिर स्कूल की पढ़ाई, हम लगातार कई घंटों तक लगातार स्क्रीन के सामने बैठे-बैठे बिता देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको यह समझना पड़ेगा कि लगातार कई घंटों तक लैपटॉप पर गलत तरीके से बैठने के कारण हमारी गर्दन पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. आज के समय में जब आप ध्यान देते हैं तो आपको युवाओं और यंग वर्किंग प्रोफेशनल्स में भी गर्दन के दर्द की समस्या तेजी से बढ़ती हुई दिखाई देगी. इस प्रॉब्लम को टेक नेक या टेक्स्ट नेक के नाम से भी जाना जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बिलकुल ही आसान शब्दों में आपको समझने वाले हैं कि यह प्रॉब्लम है क्या और आप किस तरह से इससे बचे हुए रह सकते हैं.

क्या है टेक नेक की समस्या?

जब हम लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, तो अक्सर अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुका लेते हैं. हमारी गर्दन की मसल्स और रीढ़ की हड्डी सिर का वजन उठाने के लिए बनी हैं. नॉर्मल कंडीशन में हमारे सिर का वजन लगभग 5 किलोग्राम होता है. लेकिन जब हम अपनी गर्दन को आगे की तरफ 45 से 60 डिग्री तक झुकाते हैं, तो गर्दन पर पड़ने वाला यह प्रेशर बढ़कर लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक हो जाता है. लगातार ऐसा करने से गर्दन की मसल्स में खिंचाव आता है, दर्द होता है और धीरे-धीरे वहां की नसें कमजोर होने लगती हैं. इसी कंडीशन को टेक नेक कहा जाता है.

टेक नेक के मुख्य लक्षण

अगर आप भी लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करते हैं, तो आपको अपनी सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है. इसके कुछ आम लक्षण इस तरह से हैं.

  • गर्दन और कंधों में लगातार हल्का या तेज दर्द रहना.
  • कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से में जकड़न महसूस होना.
  • कभी-कभी दर्द का बढ़कर सिर के पिछले हिस्से तक पहुंच जाना, जिससे सिरदर्द होने लगता है.
  • हाथों या उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना.

टेक नेक और गर्दन दर्द से बचाव के आसान उपाय

टेक नेक की समस्या से बचने के लिए आपको अपनी कुछ आदतों में सुधार करना होगा. ये उपाय बेहद आसान हैं और इन्हें आप हर दिन अपने कामों को करने के दौरान भी अपना सकते हैं.

बैठने का तरीका यानी पोस्चर सही रखें

जब आप लैपटॉप पर काम कर रहे होते हैं उस समय हमेशा सीधे होकर बैठें. आपकी पीठ को कुर्सी का पूरा सपोर्ट मिलना चाहिए. कुर्सी पर बैठते समय हमेशा ट्रिपल 90 रूल को फॉलो करें. ट्रिपल 90 रूल का मतलब होता है आपकी कोहनी, कूल्हे और घुटने 90 डिग्री के एंगल पर होने चाहिए.

स्क्रीन को आंख के लेवल पर लाएं

अक्सर लैपटॉप नीचे टेबल पर रखा होता है जिससे हमें नीचे देखना पड़ता है. इससे बचने के लिए लैपटॉप स्टैंड का इस्तेमाल करें या उसके नीचे कुछ किताबें रख लें, ताकि लैपटॉप की स्क्रीन आपकी आंखों के बिल्कुल सामने आ जाए. साथ ही, एक अलग से कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल करें ताकि आपके हाथों पर प्रेशर न पड़े.

हर 30 मिनट में छोटा ब्रेक लें

लैपटॉप और कंप्यूटर पर काम करते समय लगातार एक ही पोजीशन में बैठे रहने से बचें. हर आधे घंटे में कम से कम 2 मिनट का ब्रेक लें. अपनी जगह से उठें, थोड़ा टहलें और अपनी गर्दन को क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज डायरेक्शन में धीरे-धीरे से घुमाएं.

गर्दन की एक्सरसाइज करें

इसके अलावा काम के बीच-बीच में अपनी ठुड्डी को पीछे की तरफ खींचने वाली एक्सरसाइज करें. इसके अलावा अपने सिर को धीरे से दाएं और बाएं कंधों की तरफ झुकाएं. इससे गर्दन के मसल्स का स्ट्रेस कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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