Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि का हर भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. जिसे लेकर शिव भक्त इस दिन को बड़े धूमधाम से मनाते हैं. पूरा देश इस दिन शिव के जयकारे से गूंजता है. शहर के हर शिवालयों और मंदिरों में घंटी की आवाज, कपूर की महक से वातावरण वैसे ही शुद्ध हो जाता है. माना जाता है कि भगवान भोलेनाथ इतने भोले हैं कि वो तो बस जल चढ़ाने मात्र से ही अपने भक्तों से खुश हो जाते हैं, ऐसे में आज इस लेख के जरीए हम आपको बताएंगे कि इसके अलावा आप भोग में क्या चढ़ाएं कि भगवान भोले नाथ आपसे अतिप्रसन्न होकर आपकी हर इच्छा पूरी करें, तो आइए जानते हैं-
महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है, इसके कई कारण हैं. कुछ का मानना है कि यह भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह का दिन है, और महाशिवरात्रि देवताओं के मिलन की पूजा करती है. कुछ किंवदंतियों का कहना है कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष पिया और दुनिया को अंधकार और अज्ञान से बचाया – भगवान की शक्ति को याद करने के लिए महाशिवरात्रि मनाई जाती है. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की दूध, फूल, चंदन, फल और गंगाजल से पूजा की जाती है. भक्त सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान के लिए जाते हैं. वे इस दिन उपवास भी रखते हैं और भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव उपवास रखने वाले लोगों से प्रभावित होते हैं और उन्हें सुख, आशा और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
यहां कुछ प्रकार के भोगों की सूची दी गई है जो हम शुभ दिन पर भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं:
मालपुआ: मैदा, सूजी, घी, दूध और चीनी से बने मालपुआ को भगवान शिव का पसंदीदा भोजन माना जाता है. इसलिए, मालपुए को भगवान को भोग के रूप में परोसा जा सकता है.
ठंडाई: ठंडाई एक और मनोरम भोग है जिसे महाशिवरात्रि के दौरान भगवान को अर्पित किया जा सकता है. दूध, चीनी, काजू, बादाम, पिस्ता, सौंफ, खसखस, इलायची और केसर के साथ बनाया गया ठंडाई एक लिप-स्मैकिंग प्रसाद भी बनाता है.
लस्सी: यह एक और पेय है जो भगवान को महाशिवरात्रि के दौरान चढ़ाया जाता है. भक्तों को प्रसाद के रूप में चढ़ाने पर यह शरीर को आराम पहुंचाने में भी मदद करता है.
पकौड़े: सामान्य सब्जी के पकौड़े भी भगवान को भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं. पकौड़े बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि लहसुन और प्याज का प्रयोग न करें.
हलवा: सूजी या एक प्रकार का अनाज के साथ सूखे मेवे के साथ बनाया गया हलवा भगवान को चढ़ाने के लिए एक मनोरम भोग बनाता है.
मखाना खीर : चावल की जगह भुने हुए मखाने का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें ढेर सारे मेवे डाले जाते हैं.
