International Student's Day 2023: आज है इंटरनेशनल स्टूडेंट्स डे, जानिए महत्व और इतिहास

1939 में प्राग विश्वविद्यालय पर नाजी हमले के दौरान छात्र कार्यकर्ताओं के साहस को याद करने के लिए 17 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाता है.छात्रों ने हर 17 नवंबर को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस को शुरू करने का फैसला किया.

International Student’s Day 2023: हर साल आज 17 नवंबर के दिन इंटरनेशनल स्टूडेंट्स डे मनाया जाता है. हजारों छात्र कार्यक्रमों में पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हैं. इस दिन के साथ बहुत ही दुखद घटना जुड़ी है. इस दिन को अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बाधाओं को दूर करने और सांस्कृतिक विभाजन के बीच बंधन बनाने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था.

छात्रों की बहादुरी को किया जाता है याद

यह एक ऐसा दिन है जब हम प्राग में उन हजारों छात्रों की बहादुरी को याद करते हैं जिन्होंने राष्ट्रीय गौरव और उच्च शिक्षा के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी थी. 1939 में नाजी सेना ने बिना किसी मुकदमे के नौ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और मार डाला था. उन्में 1,200 से अधिक छात्रों को एकाग्रता शिविरों में भेज दिया. जिसमें कई जीवित नहीं रहे. अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस उनके बलिदान को याद करता है.

अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस 2023 का महत्व

इनोवेशन और रचनात्मकता ऐसे वातावरण में पनपती है जहां विभिन्न संस्कृतियों के लोग मिलते हैं, विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं. इसके अलावा, यह माना जाता है कि विविधता के बारे में जागरूकता और मतभेदों को स्वीकार करना हमारे बच्चों के सफल व्यक्ति बनने के लिए आवश्यक है जो समस्याओं को हल कर सकते हैं और काम करने के नए तरीके ढूंढ सकते हैं. इसलिए, जब हम अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस मनाते हैं, तो आइए हम सभी को याद दिलाएं कि विविधता ही हमें इंसान बनाती है। अपने जीवन के हर दिन, हम विभिन्न संस्कृतियों और पृष्ठभूमियों के लोगों से जुड़ते और बातचीत करते हैं. ये बातचीत हमें अन्य लोगों के लिए सहानुभूति और समझ विकसित करने में भी मदद करती है.

आज भी शिक्षा के अधिकार का संघर्ष

शिक्षा का अधिकार और शांतिपूर्ण विरोध कई देशों में एक संघर्ष बना हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस पर आइए हम अपने युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने के संकल्प को मजबूत करें और उन्हें शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्ति और संसाधनों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले एक मंच स्कॉलरू जैसे सही संसाधनों की ओर निर्देशित करके उनका समर्थन करें.

कब से मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस

1939 में प्राग विश्वविद्यालय पर नाजी हमले के दौरान छात्र कार्यकर्ताओं के साहस को याद करने के लिए 17 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाता है. पहला आयोजन 1941 में लंदन में अंतर्राष्ट्रीय छात्र परिषद में हुआ था. यहीं पर छात्रों ने हर 17 नवंबर को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस को शुरू करने का फैसला किया. तब से कई संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय छात्र समूहों ने इस दिन का पालन करना जारी रखा है. चेक गणराज्य और स्लोवाकिया में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है. इसे औपचारिक रूप से “स्वतंत्रता और लोकतंत्र दिवस के लिए संघर्ष” कहा जाता है.

लंदन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

इस घटना के दो साल बाद यानी 1941 में लंदन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया गया. यह सम्मेलन फासीवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले छात्रों का था. वहां फैसला लिया गया कि नाजियों द्वारा शहीद किए गए छात्रों की याद में आगे से हर साल 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस मनाया जाएगा.

क्या करते हैं इस दिन?

दुनिया भर की कई यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक बहुलता और विविधता के प्रदर्शन के लिए इस मौके का इस्तेमाल रकती हैं. कुछ यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए खास गतिविधियों का आयोजन करती हैं. यूनिवर्सिटियों के अलावा कई छात्र संगठन भी अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. वे सोशल मीडिया पर भी अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस के बारे में संदेश फैलाते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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