Healthy Eating Habits: काम की बात सीरीज में हम रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उन छोटी-बड़ी बातों पर चर्चा करते हैं, जिनका सामना हम अक्सर करते हैं. आज बात खाना खाने की आदत की. भागदौड़ में कई लोग खाना जल्दी-जल्दी खा लेते हैं और कभी मोबाइल देखते हुए तो कभी काम के बीच में ही खाना खत्म कर देते हैं.
ऐसे में सवाल है कि क्या बहुत तेजी से खाना सेहत के लिए ठीक है. क्या खाना खाने में 20-30 मिनट लगाना जरूरी है. हाल में ही अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने FSSAI के Eat Right India से बातचीत में बताया कि वह खाना खाने में करीब 30 मिनट का समय देते हैं. तो आइए, आज की काम की बात में जानते हैं कि धीरे खाने से क्या फायदा हो सकता है और खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
पंकज त्रिपाठी ने बताया खाने का आसान तरीका
अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अच्छी सेहत, दिनभर एनर्जी बनाए रखने और दिमाग को एक्टिव रखने के लिए सिर्फ क्या खा रहे हैं, यह ही नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी जरूरी है. FSSAI का #EatRightIndia अभियान भी रोज के खान-पान को बेहतर बनाने पर जोर देता है. इसमें ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचने और ताजा खाना खाने के साथ-साथ भोजन को आराम से और ध्यान देकर खाने की बात कही गई है.
क्या खाना खाने के लिए 30 मिनट का समय तय करना चाहिए?
नहीं, हर व्यक्ति के लिए 30 मिनट का कोई तय नियम नहीं है. जरूरी यह है कि खाना बहुत जल्दबाजी में न खाया जाए. अगर आप आमतौर पर कुछ ही मिनटों में पूरी प्लेट खत्म कर देते हैं, तो अपनी इटिंग स्पीड थोड़ी कम करने की कोशिश (Healthy Eating Habits) कर सकते हैं. आराम से खाना, निवाले को अच्छी तरह चबाना और बीच-बीच में रुकना ज्यादा महत्वपूर्ण है.
जल्दी खाना खाने से क्या परेशानी हो सकती है?
बहुत तेजी से खाने पर कई बार व्यक्ति को यह समझने का समय नहीं मिलता कि उसका पेट भर रहा है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा खाना खाया जा सकता है. धीरे खाने से खाने के बीच थोड़ा समय मिलता है और भूख कम होने के संकेतों को पहचानना आसान हो सकता है. यानी खाना सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत को समझते हुए खाना जरूरी है.
पेट भरने का संकेत मिलने में इतना समय क्यों लगता है?
खाना शुरू करने के बाद पेट और दिमाग के बीच लगातार सिग्नल का आदान-प्रदान होता है. पेट में खाना पहुंचने और पाचन प्रक्रिया शुरू होने के बाद शरीर कई तरह के संकेत भेजता है.
इन संकेतों को दिमाग तक पहुंचने और भरने महसूस होने में कुछ समय लग सकता है. यही वजह है कि बहुत तेजी से खाने पर व्यक्ति को बाद में अचानक यह महसूस हो सकता है कि उसने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया.
क्या खाना जल्दी खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है?
कुछ लोगों में इसकी संभावना हो सकती है. जल्दी खाते समय बड़े निवाले लेने या खाना खाते हुए बात करने से भोजन के साथ ज्यादा हवा निगलने की समस्या हो सकती है. इससे डकार या पेट फूलने जैसा बेचैनी महसूस हो सकता है. लेकिन हर बार गैस या एसिडिटी का कारण सिर्फ जल्दी खाना नहीं होता. इन समस्याओं के पीछे दूसरी स्वास्थ्य संबंधी वजहें भी हो सकती हैं.
खाना खाते समय मोबाइल चलाना भी गलत आदत है?
अगर आपका ध्यान पूरी तरह मोबाइल पर है, तो आप खाने पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते. ऐसे में खाना कितनी तेजी से खाया जा रहा है या पेट कब भरने लगा, इसे महसूस करना मुश्किल हो सकता है.
इसलिए खाना खाते समय कुछ देर मोबाइल को दूर रखना एक आसान बदलाव हो सकता है. इससे आपका ध्यान भोजन पर रहेगा और आप अपनी भूख व पेट भरने के संकेतों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे.
Healthy Eating Habits: धीरे खाने की आदत डालने के लिए क्या करें?
- छोटे निवाले लें.
- हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं.
- निवाला निगलने के बाद ही अगला निवाला लें.
- खाना खाते समय मोबाइल या टीवी से दूरी रखें.
- खाने को जल्दी खत्म करने की कोशिश न करें.
- खाते समय बीच-बीच में अपनी भूख पर ध्यान दें.
- पेट संतुष्ट महसूस होने लगे तो सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए खाते न रहें.
छोटी बात हो या रोज की कोई परेशानी, सही जानकारी काम आसान कर सकती है. ऐसी ही एक और काम की जानकारी के साथ अगली कड़ी में फिर मिलेंगे.
यह भी पढ़ें: दूध उबालकर भी जल्दी फट जाता है? कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां
