हर दिन इस्तेमाल होने वाले ये मेकअप प्रोडक्ट्स बढ़ा सकते हैं कैंसर का खतरा, हर महिला के लिए जानना जरूरी

Cancer Causing Makeup Items: आज के समय में खूबसूरत दिखने के लिए मेकअप करना आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके पसंदीदा ब्यूटी प्रोडक्ट्स ही आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं? इस आर्टिकल में जानिए 6 ऐसे मेकअप आइटम्स के बारे में, जिनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आगे चलकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है.

Cancer Causing Makeup Items: आज के समय में कौन अच्छा नहीं दिखना चाहता है? खासकर चेहरे पर थोड़ा सा ग्लो लाने के लिए या फिर अपने लुक को निखारने के लिए हर लड़की ही किसी न किसी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल जरूर कर रही है. अगर आप भी इन ब्यूटी प्रोडक्ट्स का या फिर मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हर दिन कर रही हैं, तो आपको एक बार यह जरूर सोचना चाहिए कि, जिन चीजों को आप हर दिन अपने चेहरे पर लगा रहे हैं, कहीं वे अंदर ही अंदर आपकी हेल्थ को डैमेज करने का काम तो नहीं कर रहे हैं? कई मेडिकल रिसर्च में यह साफ हो चुका है कि हमारे फेवरेट मेकअप प्रोडक्ट्स में कुछ ऐसे केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जो आगे चलकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का भी कारण बन सकते हैं. अगर आप खुद को इस जानलेवा बीमारी से बचाकर रखना चाहते हैं तो इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल जितना हो सके कम से कम करना शुरू कर दें. आज इस आर्टिकल में हम आपको 6 ऐसे प्रोडक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके इस्तेमाल से आपको आगे चलकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी काफी आसानी से हो सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं डीटेल से.

फेस पाउडर और कॉम्पैक्ट

अक्सर महिलाएं चेहरे के ऑयल को सुखाने या फिर निखार लाने के लिए जिस फेस पाउडर या कॉम्पैक्ट का इस्तेमाल करती हैं, उसमें ‘टैल्क’ नाम का एक मिनरल होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जहां से यह टैल्क निकाला जाता है, वहां इसके साथ ‘एस्बेस्टस’ नाम का एक और एलिमेंट मिला हुआ होता है। यह एस्बेस्टस डायरेक्टली कैंसर की वजह बनता है. जब हम पाउडर उड़ाकर लगाते हैं, तो सांस के जरिए यह हमारे फेफड़ों में चला जाता है, जिससे फेफड़ों का कैंसर और महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

डार्क हेयर डाई भी खतरनाक

आज के समय में जब आप ध्यान से देखते हैं, तो सफेद बालों को छुपाने या फैशन के लिए बालों को कालइ और ब्राउन रंग से रंगने का ट्रेंड बहुत कॉमन हो चुका है. लेकिन इन डार्क हेयर डाइज में ‘पीपीडी’ और ‘कोल तार’ जैसे हार्श केमिकल पाए जाते हैं. कैंसर इंस्टीटूशन्स की रिसर्च बताती है कि जो लोग सालों-साल लगातार इन हेयर डाइज का इस्तेमाल करते हैं, उनमें ब्लैडर का कैंसर और ब्लड कैंसर होने का रिस्क काफी ज्यादा बढ़ जाता है.

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नेल पॉलिश भी बन सकता है कैंसर का कारण

आपको शायद यह मालूम न हो, लेकिन नेल पॉलिश को लंबे समय तक शीशी में सूखने से बचाने और लगाने के बाद शाइनी बनाने के लिए कंपनियां उसमें फॉर्मलाडेहाइड नाम का एक केमिकल मिक्स करती हैं. दुनिया भर की हेल्थ एजेंसियों ने माना है कि यह केमिकल कैंसर फैलाता है. जब आप नेल पॉलिश लगाती हैं, तो इसकी तेज स्मेल सांस के जरिए आपके अंदर जाती है और इसके केमिकल्स नाखूनों के रास्ते भी आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं.

लिपस्टिक का इस्तेमाल करने से पहले सोच लें

क्या आप जानती हैं कि जो लिपस्टिक आप होंठों पर लगाती हैं, उसका कुछ हिस्सा खाते-पीते समय अनजाने में आपके पेट में भी चला जाता है? कई लिपस्टिक्स को गाढ़ा और लॉन्ग-लास्टिंग बनाने के लिए उनमें ‘लेड’ यानी कि शीशा और ‘कैडमियम’ जैसी हैवी मेटल्स मिलाई जाती हैं. मेडिकल रिसर्च कहती है कि अगर ये मेटल्स पेट के रास्ते शरीर में ज्यादा जमा हो जाएं, तो ब्रेस्ट कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

वॉटरप्रूफ मस्कारा और आईलाइनर का न करें इस्तेमाल

पसीने या पानी से मेकअप न फैले, इसके लिए वॉटरप्रूफ मस्कारा और आईलाइनर में पीएफएएस नाम के केमिकल्स डाले जाते हैं. इन्हें फॉरएवर केमिकल्स भी कहते हैं, क्योंकि ये एक बार शरीर में चले जाएं तो आसानी से बाहर नहीं निकलते. साइंटिस्ट्स ने अपनी रिसर्च में पाया है कि इन केमिकल्स की वजह से किडनी और लिवर का कैंसर होने की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है.

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केमिकल वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना खतरनाक

धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन लगाना तो बहुत अच्छी आदत है, लेकिन बाजार में मिलने वाली कई केमिकल सनस्क्रीन में ‘ऑक्सीबेंजोन’ नाम का एक एलिमेंट पाया जाता है. यह केमिकल हमारी स्किन बहुत आसानी से एब्जॉर्ब हो जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक, यह शरीर के अंदर जाकर हमारे हार्मोन्स का बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने का डर रहता है.

तो क्या आपको मेकअप करना बंद कर देना चाहिए?

अगर आपको पूरी आर्टिकल को पढ़ने के बाद ऐसा लग रहा है कि, क्या अब मेकअप करना बंद कर देना चाहिए? तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है. आपको बस थोड़ा सा समझदार बनने की जरूरत है. अगली बार आप जब भी कोई ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदें, तो उसकी शीशी या डिब्बे के पीछे लिखे इंग्रीडिएंट्स लिस्ट को जरूर चेक करें. कोशिश करें कि आप ‘टैल्क-फ्री’, ‘पैराबेन-फ्री’ और ‘ऑर्गेनिक’ चीजों का ही इस्तेमाल करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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