Bhimbetka Rock Shelter Tour: भीमबेटका की गुफाएं लुभाएंगी आपका मन, आप भी करिए ये ट्रिप प्लान

Bhimbetka Rock Shelter Tour, Madhya Pradesh Tourism: भीमबेटका गुफाएं चारों तरफ से विंध्य पर्वतमालाओं से घिरी हुईं हैं. भीमबेटका गुफाएं मध्य भारत के पठार के दक्षिणी किनारे पर स्थित विंध्याचल की पहाड़ियों के निचले छोर पर हैं. इसके दक्षिण में सतपुड़ा की पहाड़ियाँ आरम्भ हो जाती हैं.

Bhimbetka Rock Shelter, Madhya Pradesh Tourism: मध्य प्रदेश में घूमने के ढेर सारे ऑप्शन मिल जाते हैं. इन्हीं ऑप्शन में से एक है भीमबेटका गुफाएं. भीमबेटका की गुफा मध्य प्रदेश भोपाल के दक्षिण-पूर्व में 45 किलोमीटर और मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में ओबेदुल्लागंज शहर से 9 किलोमीटर की दूरी पर विंध्य पहाड़ियों के दक्षिणी किनारे पर स्थित है. इन गुफाओं के दक्षिण में सतपुड़ा पहाड़ियों की क्रमिक श्रेणियाँ हैं. गुफाएं चारों तरफ से विंध्य पर्वतमालाओं से घिरी हुईं हैं, जिनका संबंध ‘नव पाषाण काल’ से है. भीमबेटका गुफाएं मध्य भारत के पठार के दक्षिणी किनारे पर स्थित विंध्याचल की पहाड़ियों के निचले छोर पर हैं. इसके दक्षिण में सतपुड़ा की पहाड़ियाँ आरम्भ हो जाती हैं.

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भीमबेटका की खोज किसने की थी

भीमबेटका की गुफा हजारों साल पुरानी मानी जाती है या भारत के मध्य प्रदेश प्रांत के रायसेन जिले में स्थित है यह एक पुरापाषाण कालीन आवासीय पुरातात्विक स्थल है यह गोपाल विश्व भर में प्रसिद्ध है इसमें लगभग 600 गुफाएं हैं भीमबेटक का नाम महाभारत काल के भीम से पड़ा है. इस गुफा की सीन चित्र पुरापाषाण काल और मध्य पाषाण काल के माने जाते हैं भीमबेटका की गुफा विंध्याचल की पहाड़ी के निचले छोर पर स्थित है जिसके दक्षिण भाग से सतपुड़ा की पहाड़ियां प्रारंभ हो जाती है.

भीमबेटका क्यों प्रसिद्ध है

डीवीडी का की विशेषता यह है कि यह आदि मानव द्वारा बनाए गए शेर चित्र और सेल आश्रम के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है यहां की चट्टानों पर हजारों वर्ष पूर्व बनी चित्रकारी आज भी मौजूद है इसमें लगभग 600 गुफाएं पाई जाती है इन गुफाओं को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है वर्ष 2003 में विश्व धरोहर घोषित किया है.

भीमबेटका सभागार गुफा

कई गुफाओं में से, ऑडिटोरियम गुफा भीमबेटका स्थल की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है. जो क्वार्ट्जाइट टावरों से घिरी कई किलोमीटर की दूरी से दिखाई देती हैं, ऑडिटोरियम रॉक भीमबेटका में सबसे बड़ा आश्रय है. रॉबर्ट बेड्नारिक ने प्रागैतिहासिक ऑडिटोरियम गुफा का वर्णन “कैथेड्रल-जैसे” वातावरण के साथ किया है, जिसमें “इसके गोथिक मेहराब और बड़े स्थान” शामिल हैं. इसकी रचना चार कार्डिनल दिशाओं से जुड़ी अपनी चार शाखाओं के साथ एक “समकोण क्रॉस” जैसा दिखती है. मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व की ओर है. इस पूर्वी मार्ग के अंत में, गुफा के प्रवेश द्वार पर, एक पास-ऊर्ध्वाधर पैनल के साथ एक बोल्डर है जो विशिष्ट है, जो सभी दिशाओं से दिखाई देता है. पुरातत्व साहित्य में, इस बोल्डर को “चीफ रॉक” या “किंग्स रॉक” के रूप में वर्णित किया गया है. ऑडिटोरियम गुफा के साथ बोल्डर, भीमबेटका की केंद्रीय विशेषता है, इसके 754 नंबरों वाले शेल्टर दोनों तरफ कुछ किलोमीटर में फैले हुए हैं, और लगभग 500 स्थानों पर जहां रॉक पेंटिंग मिल सकती है.

भीमबेटका घूमने का सही समय

भीमबेटका घूमने के लिए सबसे अच्छा और आदर्श समय अक्टूबर से मार्च महीने का होता है. क्योंकि इस समय के दौरान जलवायु अनुकूल होती है और पर्यटक भीमबेटका में सुविधापूर्वक अपनी यात्रा सफल बना सकते है. हालाकि बारिश का मौसम भी यहा घूमने के लिए अच्छा माना जाता है. आप चाहे तो बारिश के मौसम में भी भीमबेटका की सैर पर बिना किसी झिझक के निकल सकते है.

भीमबेटका के आस पास कहां-कहां घूम सकते है

  • भोजपुर

  • भोपाल

  • होशंगाबाद

  • सलकनपुर माता मंदिर

भीमबेटका घूमने की एंट्री फीस

भीमबेटका आने वाले भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क 10 रूपये प्रतिव्यक्ति और विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 100 रूपये प्रतिव्यक्ति निर्धारित है.

भीमबेटका कैसे पहुंचे

यदि आप भीमबेटका जाने का मन बना चुके है तो हम आपकों बता दें कि आप भीमबेटका फ्लाइट, ट्रेन, बस और अपने व्यक्तिगत साधन में से किसी का भी चुनाव अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते है. यदि आपने भीमबेटका जाने के लिए फ्लाइट का चुनाव किया है तो हम आपको बता दें भीमबेटका का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट, भोपाल का राजा भोज एयर पोर्ट है. जो भीमबेटका से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है. एयर पोर्ट से आप टैक्सी या स्थानीय साधन के माध्यम से आसानी से भीमबेटका पहुंच जाएंगे.

भीमबेटका ट्रेन से कैसे पहुंचे

भीमबेटका रॉक शेल्टर घूमने के लिए यदि आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते है तो हम आपको बता दें की इसके लिए आप हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर उतर सकते है. यहा से भीमबेटका की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है. भोपाल जंक्शन पर भी उतर सकते है यहा से आपके पर्यटक स्थल भीमबेटका की दूरी लगभग 53 किलोमीटर है. यहा से स्थानीय साधन या भोपाल शहर में चलने वाली सिटी बस के माध्यम से आप अपने गंतव्य स्थान भीमबेटका पहुंच जाएंगे. इसके अलावा मंडीदीप और अब्दुल्लागंज रेलवे स्टेशन भी है लेकिन यहा पर अधिकतर ट्रेने नही रूकती है.

भीमबेटका रोड मार्ग से कैसे पहुंचे

यदि आप भीमबेटका जाने के लिए बस या अपने व्यक्तिगत साधन के माध्यम से जाना चाहते है तो आप रोड मार्ग से बहुत आसानी से पहुँच सकते है. होशंगाबाद रोड से 3 किलोमीटर की दूरी पर भीमबेटका पर्यटक स्थल है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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