World Sight Day 2023 : जानिए खास दिन का क्या है महत्व, कैसे करें आंखों की देखभाल

आंखें हमें दिखाती हैं कि दुनिया कितनी रंगों से भरी है. इसकी कीमत अनमोल है. नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर वैश्विक ध्यान को बढ़ावा देने के मकसद से हर साल 12 अक्टूबर को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य अंधापन को रोकना और हर किसी के लिए नेत्र देखभाल तक पहुंच प्रदान करना है.

World Sight Day 2023 : हर साल 12 अक्टूबर को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य नेत्र स्वास्थ्य के महत्व पर दुनिया को ध्यान आकृष्ट करना है . इस दिन का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय अंधता निवारण एजेंसी (आईएपीबी) द्वारा गैर-सरकारी संगठनों, सरकारों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित विभिन्न हितधारकों के सहयोग से किया जाता है. हर साल विश्व दृष्टि दिवस की एक खास थीम होती है जिसका उद्देश्य आई हेल्थ और दृष्टि देखभाल से संबंधित प्रमुख मुद्दों का समाधान करना है. इस वर्ष की थीम है कार्यस्थल पर अपनी आंखों से प्यार करें है, जो आपके वर्क प्लेस पर पर आंखों की देखभाल के महत्व पर प्रकाश डालती है.

विश्व दृष्टि दिवस का महत्व इसलिए खास है कि यह दुनिया भर के लोगों को और नीति निर्माताओं को नेत्र सुरक्षा को लेकर जागरूक करने का प्रयास करता है. नेत्र देखभाल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संसाधन जुटाने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है. विश्व दृष्टि दिवस का उद्देश्य ब्लांडनेस को खत्म करने के वैश्विक प्रयास में योगदान देना और यह सुनिश्चित करना है कि हर किसी के पास गुणवत्तापूर्ण नेत्र देखभाल सेवा पहुंच सके. विश्व दृष्टि दिवस पर कई जागरूकता बढ़ाने वाली गतिविधियों का आयोजन किया जाता है. जिसमें आंखों की जांच, जन जागरूकता अभियान, शैक्षिक कार्यक्रम, दृष्टि स्वास्थ्य और अंधापन की रोकथाम से संबंधित जानकारी देना शामिल है.

क्या आपको पता है आंखों से जुड़ी से रोचक बातें
  • हर मानव आंख में ब्लाइंड स्पॉट होता है जहां ऑप्टिक तंत्रिका रेटिना से जुड़ती है यह अंधा स्थान आमतौर पर रोजमर्रा की दृष्टि में नजर नहीं आता क्योंकि मस्तिष्क इसकी भरपाई कर देता है.

  • महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कलर ब्लाइंडनेस अधिक आम है. उत्तरी यूरोपीय मूल के लगभग 8 प्रतिशत पुरुष और केवल 0.5 प्रतिशत महिलाएँ वर्णांध हैं यह स्थिति आमतौर पर वंशानुगत होती है, और सबसे कॉमन लाल-हरा रंग का अंधापन है.

  • इंसानों का नाइट विजन कई जानवरों जितना अच्छा नहीं है जबकि हमारी आंखों में कम रोशनी की स्थिति में समायोजित होने की कुछ क्षमता होती है, मनुष्यों की आंखों को अंधेरे के प्रति पूरी तरह से अनुकूलित होने में करीब आधा घंटे का वक्त लगता है.

  • इंसानों की आंखें देखकर जानकारी को अविश्वसनीय रूप से तेज़ी से संसाधित करने में सक्षम हैं. मानव मस्तिष्क को किसी इमेज को पहचानने और उसकी व्याख्या करने में केवल 13 मिलीसेकंड का समय लगता है.

  • कलर को लेकर धारणा हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है, और यह केवल रंग अंधापन के बारे में नहीं है. कुछ लोगों में टेट्राक्रोमेसी नामक एक स्थिति होती है, जिसका अर्थ है कि उनके रेटिना में एक अतिरिक्त प्रकार की शंकु कोशिका होती है, जो उन्हें ट्राइक्रोमैटिक दृष्टि वाले औसत व्यक्ति की तुलना में रंगों के व्यापक स्पेक्ट्रम को देखने की अनुमति देती है. हालांकि यह दुलर्भ होती है.

आज के डिजिटल युग में आंखों की सेहत का महत्व अधिक बढ़ गया है, क्योंकि लंबे समय तक स्क्रीन से संपर्क आंखों की हेल्थ को प्रभावित कर सकता है . जिसके कारण धुंधली दृष्टि, सूखी आंखों से लेकर थकान तक कई समस्याएं पैदा कर सकता है . डिजिटल तनाव से बचने के लिए अपनी आंखों को हर 20 मिनट में एक छोटा ब्रेक देना जरूरी है इसके साथ ही संतुलित आहार और सही से पानी पीना और खाने से भी आपकी आँखें स्वस्थ रह सकती हैं.

आंखों का स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए इन सुझावों का पालन करने से लाभ मिल सकता है

  • डिजिटल स्क्रीन के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों पर डिजिटल तनाव हो सकता है, जो धुंधली दृष्टि, सूखी आंखें, सिरदर्द और थकान के रूप में सामने आता है. इसे कम करने के लिए, हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करें. यह आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है.

  • सूर्य की पराबैंगनी (यूवी) किरणें आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोगों के खतरे को बढ़ा सकती हैं. धूप वाले दिन या बादलों वाले दिनों में भी बाहर निकलें तो धूप का चश्मा पहनें जो यूवीए और यूवीबी किरणों को पूरी तरह रोकता है

  • पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं . अपने आहार में विटामिन सी और ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और ल्यूटिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें. खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, मेवे, बीज, तैलीय मछली और अंडे काफी मददगार साबित होते हैं.

  • डिहाइड्रेशन से आंखें शुष्क हो सकती हैं, इससे बचने के लिए दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. . कैफीनयुक्त या मादक पेय पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बचें क्योंकि वे निर्जलीकरण को बढ़ा सकते हैं.

  • आंखों को छूने या कॉन्टैक्ट लेंस को छूने से पहले हाथ धोएं. कॉन्टैक्ट लेंस केस को नियमित रूप से साफ करें और इसे हर तीन महीने में बदलें. सोने से पहले कॉन्टैक्ट लेंस उतार लें . हर रात मेकअप हटाने का अभ्यास करें, कोई भी गंभीर समस्या को शुरू में ही पकड़ने के लिए किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से नियमित रूप से आंखों की जांच कराना ना भूलें.

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By Meenakshi Rai

Meenakshi Rai is a contributor at Prabhat Khabar.

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