Coronavirus से ज्यादा खतरा हैं उसका इलाज बताने वाले वाट्सएप डॉक्टरों से, डरें नहीं, रहें सावधान

इंटरनेट और सोशल मीडिया के आ जाने के बाद दुनिया में चाहे कोई भी समस्या हो या कोई भी मुद्दा हो, उसे मजाक के तौर पर जरूर लिया जाता है. कई लोगों के लिए गंभीर से गंभीर मुद्दों पर भी मजाक और उसकी हंसी उड़ाने की आदत होती है. ऐसे लोगों के लिए सोशल मीडिया से बेहतर प्लेटफॉर्म कोई और नहीं है. इससे जुड़े लोग उस मुद्दे पर जमकर मीम्स बनाते हैं.

इंटरनेट और सोशल मीडिया के आ जाने के बाद दुनिया में चाहे कोई भी समस्या हो या कोई भी मुद्दा हो, उसे मजाक के तौर पर जरूर लिया जाता है. कई लोगों के लिए गंभीर से गंभीर मुद्दों पर भी मजाक और उसकी हंसी उड़ाने की आदत होती है. ऐसे लोगों के लिए सोशल मीडिया से बेहतर प्लेटफॉर्म कोई और नहीं है. इससे जुड़े लोग उस मुद्दे पर जमकर मीम्स बनाते हैं. इन दिनों जहां लोग कोरोना वायरस के कारण परेशान हैं वहीं कई लोग इस पर भी मीम्स बनने मे लग गये हैं. देखे ऐसे ही कुछ मीम्स को

कोरोना वायरस विदेशी है इसका बहिष्कार करें. स्वदेशी अपनाएं मलेरिया से मरें. @ErRrSharma

क्या चल रहा है? ‘फॉग’ नहीं, कोरोना वायरस. ‍

@Appuoo

अब तो कोरोना भी आ गया, तुम कब आओगे.

@Dineshrrr

पैनिक मत कीजिए, #Corona मेड इन चाइना है! ज्यादा नहीं टिकेगा! ‍

@Dipikdoval

भारत को Corona से ज्यादा खतरा उसका इलाज बताने वाले WhatsApp डॉक्टरों से है. #nirajbadhwar

तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? उतना ही जितना लोग कोरोना से डरते हैं.

#Polलव

नेपाल- बिहार सीमा मिलकर करें काम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को नेपाल, चीन और बंगला देश से सटे राज्यों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर कोरोना वायरस की स्थिति का जायजा लिया. वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में बिहार सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव दिया है कि विदेश मंत्रालय नेपाल सरकार से अनुरोध करे कि सीमा के दोनों तरफ के अधिकारी कोरोना वायरस को लेकर एक दूसरे के साथ औपचारिक रूप से काम करें.

अभी तक बिहार में किये जा रहे कार्यों से नेपाल के पदाधिकारी और नेपाल में किये जा रहे बचाव कार्यों को लेकर सीमा के दोनों ओर के पदाधिकारी अनजान हैं. सीमा के आर-पार के पदाधिकारियों द्वारा आपस में मिलकर काम करने से इससे कोरोना वायरस के क्षेत्र में दोनों देशों के आने जाने वाले यात्रियों से स्क्रिनिंग आसान हो जायेगी.

कोरोना से डरिए नहीं, सावधान रहिए

पटना : कोरोना वायरस (कोविड-19) से ग्रसित या प्रभावित हर इंसान की मौत होगी, यह बिल्कुल निराधार है. चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की 18 फरवरी 2020 को जारी रिपोर्ट के आधार पर तैयार ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) की खबर के मुताबिक कोराना से प्रभावित सिर्फ 3.4 फीसदी लोगों की ही मौत हुई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचअो) के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ने भी हाल में ऐसा ही बयान दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक वायरस से प्रभावित 81 फीसदी लोगों पर इसका हल्का असर देखा गया है. वहीं 13.8 फीसदी में सांस की समस्या या उन्हें अलग से अॉक्सिजन देने की जरूरत पड़ी है. करीब 4.7 फीसदी मामले ही क्रिटिकल रहे हैं, जो मल्टीपल अॉर्गन फेल्योर या खून के विषाक्त होने वाले आघात के हैं. इनमें से ही 3.4 फीसदी लोगों की मौत हुई है.

कोविड-19 से प्रभावित लोगों का मरना इस बात पर भी निर्भर करता है कि अापकी उम्र, लिंग (जेंडर) तथा स्वास्थ्य की स्थिति क्या है. रिपोर्ट के अनुसार मरनेवालों में 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले, खास कर बुजुर्ग व बीमार तथा हृदय रोग, मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसे रोगी अधिक हैं. वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाअों में मृत्यु दर कम रही है. बीबीसी के अनुसार कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि मौत के मामले में कम रिपोर्ट से भी यह आंकड़ा इतना कम दिख रहा है. फिर भी कोरोना से बहुत भयभीत होने की जरूरत नहीं है.

केंद्र सरकार ने स्कूल प्रबंधन को दी सलाह

– बच्चों की बड़ी गैदरिंग से बचें

– कोई स्टूडेंट या स्टाफ पिछले 28 दिनों के अंदर कोविड-19 से प्रभावित देशों से होकर आया हो, तो उसकी 14 दिनों तक निगरानी हो

– बच्चों और सभी स्टाफ को भी साबुन या अल्कोहल बेस्ड हैंड रब से हाथ धोने को प्रेरित करें. साबुन व पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें

– बच्चों को बताएं कि अपनी अांख, नाक और मुंह न छूएं

– खांसी व बुुखार के साथ सांस लेने में परेशानी के लक्षण दिखने पर करें संपर्क.

– पटना के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में बनेगा अाइसोलेशन वार्ड

कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है. इसी कड़ी में पटना सिटी के गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में 10 बेड का अाइसोलेशन वार्ड बनाया जायेगा. इस वार्ड में अगर भविष्य में कोरोना का कोई मरीज आता है तो उसे रखा जायेगा.

– खगौल रेलवे अस्पताल में बना 10 बेडों का वार्ड

कोरोना वायरस की रोकथाम और संक्रमित यात्रियों का तत्काल उपचार सुनिश्चित हो, इसको लेकर दानापुर रेलमंडल प्रशासन ने खगौल रेलवे अस्पताल में आइसोलेटेड वार्ड बनाया है. इस वार्ड में 10 बेड लगाने के साथ -साथ डिस्पोज्ड मास्क, ग्लब्स व गाउन आदि की व्यवस्था है.

इसका रखें ख्याल

हाथों को अल्कोहल युक्त हैंड रब या साबुन से धोयें

अधिक मात्र में तरल पदार्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करें

संदिग्ध लोगों के संपर्क में न आयें

संदिग्ध से हाथ नहीं मिलायें

संदिग्ध के गले न मिले

खांसते-छींकते वक्त मुंह-नाक पर रूमाल रखें

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लेखक के बारे में

Author: sumitkumar1248654

Published by: Prabhat Khabar

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