मसूड़ों की मजबूती पर टिकी है आपके दांतों की दमक, देखभाल के लिए फोलो करें ये टिप्स

Health Care : मजबूत मसूड़े यानी कि मजबूत दांत ये तो सब जानते हैं लेकिन अपने दांतों को तो रोज ब्रश करते हैं लेकिन मसूड़े बेचारे उपेक्षित रह जाते हैं लिहाजा मसूड़ों में कई तरह की बीमारियां घर कर लेती हैं. लेकिन कुछ अच्छी आदतें इन समस्याओं से निजात दिला सकती है.

Health Care : मसूड़े बहुत अहम हैं और अगर ये मज़बूत ना हों तो आपके दाँत भी हिलने लगते हैं। कमजोर और ढीले मसूड़े एक समस्या हैं। बहुत से लोग आज इसका सामना कर रहे हैं। अपने दाँतों को नुकसान से बचाना है तो मसूड़ों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना पड़ेगा। ओरल कैविटी की ठीक से देखभाल करना पड़ेगी. वैसे आपने कभी महसूस किया है कि आपके मसूड़े कैसे हैं? कई कारण ऐसे होते हैं कि मसूड़े कमजोर हो जाते हैं.अगर आप तंबाकू या सिगरेट का ज्‍यादा सेवन करते हैं तो आपके मसूड़े जल्‍दी कमजोर हो सकते हैं। शरीर में विटामिन सी की कमी, मुंह में तम्बाकू या सिगरेट के कारण गंदगी और हार्माेनल बदलाव आदि की वजह से से भी मसूड़े कमजोर हो जाते हैं.

दांतों को दिन में दो बार हर बार 2 मिनट के लिए ब्रश करें. फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट चुनें, एक खनिज जो इनेमल को मजबूत करता है और आपके दांतों को कैविटी से बचाता है.

मसूड़ों से खून आना और उनमें सूजन आ जाना, प्लाक का जमा होना और मुंह से दुर्गंध आना ये सभी डेंटल प्रॉब्लम के लक्षण है. नजर अंदाज करने का नतीजा ये होता है कि मसूड़े खराब हो जाते हैं इसलिए इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है दिन में कम से कम एक बार दंत-धागे से दांतों के बीच सफाई करें.

धूम्रपान प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, आपके शरीर को इंफेक्शन से लड़ने और जल्दी ठीक होने में कठिनाई होगी.

अपने दांतों को ब्रश करने के बाद, सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के लिए फ्लोराइड युक्त माउथवॉश का उपयोग करना चाहिए .माउथवॉश न केवल बैक्टीरिया और खाद्य कणों को खत्म करने में मदद करता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि फ्लोराइड की मदद से आपके दांतों का इनेमल सुरक्षित रहे., पेशेवर सफ़ाई के लिए नियमित रूप से अपने दंत चिकित्सक से मिलें.

मीठे, स्टार्चयुक्त और चबाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, जो दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी में योगदान कर सकते हैं. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे सेब, अजवाइन और हरी पत्तेदार सब्जियाँ बहुत अच्छे होते हैं क्योंकि इन्हें बहुत अधिक चबाने की आवश्यकता होती . इस बात का ध्यान रखें कि आप जितनी अधिक शराब पीएंगे, मसूड़ों की बीमारी का खतरा उतना ही बढ़ेगा.

खाने के बाद साफ पानी से कुल्ला करने से मुंह में मौजूद शर्करा और खाद्य कण निकल जाते हैं

आपके लाइफस्टाइल और डेली रूटीन मेें कुछ छोटे-मोटे परिवर्तन लंबे समय में बड़ा फर्क ला सकते हैं.

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Author: Meenakshi Rai

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