साउथ इंडियन या नॉर्थ इंडियन, कौन सा क्विजीन होता है सबसे हेल्दी, जानें यहां

उत्तर भारतीय व्यंजन ब्रेड, चावल और सब्जियों की समृद्ध विविधता का दावा करते हैं, वहीं दक्षिण भारतीय व्यंजन मसालों और मुख्य रूप से चावल के आटे की विभिन्न तैयारियों का एक समृद्ध मिश्रण है. फिटनेस के प्रति उत्साही लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि स्वस्थ शरीर बनाए रखने के लिए कौन सा खाना बेहतर है.

जब हम खाने के बारे में बात करना शुरू करते हैं, तो दो सबसे प्रमुख भोजन दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय भोजन का नाम जरूर आता है. भारत में भोजन की दो प्राथमिक श्रेणियां अलग-अलग होने के बावजूद ये दोनों ही हैं. जबकि उत्तर भारतीय व्यंजन ब्रेड, चावल और सब्जियों की समृद्ध विविधता का दावा करते हैं, वहीं दक्षिण भारतीय व्यंजन मसालों और मुख्य रूप से चावल के आटे की विभिन्न तैयारियों का एक समृद्ध मिश्रण है.

दोनों व्यंजनों में क्या है अंतर?

दोनों व्यंजन बहुत अलग हैं और देश के दोनों हिस्सों में सबसे आसानी से उपलब्ध हैं. फिटनेस के प्रति उत्साही लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि वजन घटाने और स्वस्थ शरीर बनाए रखने के लिए इनमें से व्यंजन बेहतर है. इसलिए हम आपके लिए दोनों का विस्तृत मूल्यांकन लेकर आए हैं ताकि आप तय कर सकें कि क्या लेना है.

दक्षिण भारतीय क्विजीन

माना जाता है कि दक्षिण भारतीय व्यंजनों में ज्यादातर शाकाहारी भोजन होता है, यह बात पूरी तरह से सच नहीं हैं, भले ही दक्षिण भारतीय भोजन परिदृश्य में इडली और डोसा का दबदबा है, लेकिन शाकाहारी खाद्य पदार्थों के प्रभुत्व के बावजूद व्यंजनों में मांसाहारी विकल्प भी प्रचुर मात्रा में हैं. दक्षिण भारतीय व्यंजनों की खास बात यह है कि इसमें मौजूद ज्यादातर चीजें चावल से बनी होती हैं.

नॉन वेज में भी है वैरायटी

चावल के अलावा, दक्षिण भारतीय व्यंजनों में उपयोग की जाने वाली प्रमुख सामग्रियां अदरक, लहसुन, केला, इमली, देसी फल, नारियल और ताजी हरी मिर्च होंगी. ये सामग्रियां अपने स्वाद और अद्भुत स्वास्थ्य लाभों के लिए प्रसिद्ध हैं. वहीं अगर आप दक्षिण भारतीय व्यंजनों नॉन-वेज तलाशते हैं, तो आपको प्रचुर मात्रा में सी फूड मिलेगा. मालाबार तट अपनी विभिन्न प्रकार की मछलियों के लिए प्रसिद्ध है.

उत्तर भारतीय क्विजीन

उत्तर भारतीय व्यंजनों में नान, चपाती और रोटियां जैसी विभिन्न प्रकार की ब्रेड शामिल हैं, जो मुख्य रूप से गेहूं को मुख्य सामग्री के रूप में उपयोग करके बनाई जाती है. यह हमें इस विश्वास की ओर ले जाता है कि उत्तर भारतीय भोजन दक्षिण भारतीय व्यंजनों की तुलना में हल्का होता है. उत्तर भारतीय व्यंजन खाना पकाने के मुगल तरीके से काफी प्रभावित है. ये ऐसी तकनीकें हैं जो आपको कश्मीर, हैदराबाद और मध्य एशिया में मिलेंगी. ये वो व्यंजन हैं जिनका आनंद कई दशक पहले नवाब उठाते थे. इनमें राजमा दाल, लच्छा पराठा, दाल बाटी, दम आलू, पालक पनीर और भी बहुत कुछ शामिल है.

कौन है बेहतर?

यह निर्धारित करना कभी भी आसान नहीं है कि कौन सा व्यंजन ज्यादा हेल्दी है क्योंकि एक सर्विंग की कैलोरी सामग्री इस बात पर निर्भर करती है कि आप ब्रेड या डोसा के साथ क्या खा रहे हैं. किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य और वजन पर पड़ने वाले समग्र प्रभाव के लिए भोजन के सभी घटक समान रूप से जिम्मेदार हैं.

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क्या खाया जाए

खाने को संतुलित करना संपूर्ण भोजन बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है जो स्वस्थ है और इसमें कोई अतिरिक्त कैलोरी नहीं है, जो वजन घटाने में बाधा डालती है. अगर आपके पास इडली है तो सुनिश्चित करें कि आपका सांभर सब्जियों से भरपूर हो जो चावल के कार्ब्स को संतुलित करेगा. इसी तरह उत्तर भारतीय व्यंजनों में, ब्रेड किसी भी भारी सब्जी या करी को संतुलित कर सकती है.

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By Shradha Chhetry

Shradha Chhetry is a contributor at Prabhat Khabar.

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